यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: अब सिर्फ CCTV कैमरों वाले स्कूल ही बनेंगे परीक्षा केंद्र—नकल मुक्त परीक्षा के लिए नई सख्ती
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: अब सिर्फ CCTV कैमरों वाले स्कूल ही बनेंगे परीक्षा केंद्र—नकल मुक्त परीक्षा के लिए नई सख्ती
यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को नकल-मुक्त और पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए नया नियम लागू किया है। अब सिर्फ वही स्कूल परीक्षा केंद्र बन सकेंगे, जहां CCTV कैमरे लगे होंगे। यह फैसला राज्य सरकार की मंजूरी के बाद लिया गया है, और परीक्षा केंद्रों का चयन पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा। बोर्ड के सचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि यह कदम परीक्षाओं की पवित्रता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि मास चीटिंग जैसी अनियमितताओं पर पूर्ण रोक लगे।
नई प्रक्रिया: ऑनलाइन चयन और सत्यापन
समयसीमा: परीक्षा केंद्र तय करने की प्रक्रिया 10 नवंबर से 30 दिसंबर 2025 तक चलेगी। सभी स्कूलों को आधिकारिक पोर्टल upmsp.edu.in पर अपनी मूलभूत जानकारी अपडेट करनी होगी, जिसमें कक्षाओं की संख्या, स्ट्रांग रूम, CCTV व्यवस्था, इंटरनेट कनेक्टिविटी और सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
सत्यापन: तहसील स्तर पर एक समिति (SDO, इंजीनियर, तहसीलदार और DIOS के अधिकारी) द्वारा भौतिक सत्यापन होगा। क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा रैंडम चेक भी किए जाएंगे। जीयो-लोकेशन ऐप से स्कूलों की फोटो, अक्षांश-देशांतर डेटा सीधे UPMSP सर्वर पर अपलोड होगा।
आवश्यक सुविधाएं: हर केंद्र पर दो-तरफा वॉयस रिकॉर्डर युक्त CCTV कैमरे (कक्षाओं, स्ट्रांग रूम और प्रवेश द्वार पर) अनिवार्य हैं। रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों की होनी चाहिए, भारतीय DVR का उपयोग, हाई-स्पीड इंटरनेट, प्रिंसिपल कार्यालय से अलग स्ट्रांग रूम, डबल-लॉक स्टील अलमारियां, बाउंड्री वॉल, फायर सेफ्टी, बिजली बैकअप, शौचालय (लड़के-लड़कियों के अलग) और स्वच्छ पेयजल जरूरी है।
परीक्षा का शेड्यूल और प्रभाव
परीक्षा तिथियां: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं फरवरी-मार्च 2026 में होंगी। प्रैक्टिकल परीक्षाएं भी CCTV निगरानी में होंगी।
पिछले आंकड़े: 2025 में 7,657 केंद्र थे (1,017 सरकारी, 3,537 एडेड, 3,103 नॉन-एडेड)। 2026 के लिए भी इसी तरह की संख्या अपेक्षित है।
उद्देश्य: यह व्यवस्था 2024 के पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट (नकल पर 1 करोड़ जुर्माना या उम्रकैद) के अनुरूप है। बोर्ड का लक्ष्य 54 लाख से अधिक छात्रों के लिए नकल-रहित परीक्षा सुनिश्चित करना है।
स्कूलों को जल्द अपडेट करना होगा, वरना केंद्र आवंटन से वंचित रह सकते हैं। छात्र upmsp.edu.in पर सेंटर लिस्ट चेक कर सकेंगे। यह कदम उत्तर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है।
