बिहार चुनाव 2025: उम्मीदवारों पर अपराध केसों का बोलबाला, 34% पर क्रिमिनल चार्ज, 34% करोड़पति – ADR रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े
बिहार चुनाव 2025: उम्मीदवारों पर अपराध केसों का बोलबाला, 34% पर क्रिमिनल चार्ज, 34% करोड़पति – ADR रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि और संपत्ति पर सवाल उठने लगे हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे चरण के 1463 उम्मीदवारों में से 502 (34%) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 389 (27%) पर गंभीर अपराध जैसे हत्या, बलात्कार, अपहरण और धोखाधड़ी के आरोप हैं। इसके अलावा, 495 (34%) उम्मीदवार करोड़पति हैं, जिनकी औसत संपत्ति 1.72 करोड़ रुपये है। पहले चरण में भी 32% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि हर तीसरा उम्मीदवार आपराधिक मामले का सामना कर रहा है, जो लोकतंत्र की सेहत पर सवाल खड़े करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे चरण के 94 निर्वाचन क्षेत्रों में से 84 ‘रेड अलर्ट’ वाले हैं, जहां तीन या इससे अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं। प्रमुख दलों में आरजेडी के 73% उम्मीदवारों पर केस हैं, जबकि बीजेपी के 72% और जेडीयू के 70% पर। गंभीर मामलों में जेडीयू के बहुबली अनंत सिंह के नाम पर 11 केस दर्ज हैं, आरजेडी के तेजस्वी यादव पर 18, और बीजेपी के सम्राट चौधरी पर कई। स्वतंत्र उम्मीदवारों में भी 33% करोड़पति हैं। पहले चरण के 1066 उम्मीदवारों में 35% करोड़पति थे, लेकिन क्रिमिनल केस 31% थे।
वर्तमान विधायकों पर भी सवाल हैं। 241 विधायकों में 158 (66%) पर क्रिमिनल केस हैं, और 194 (80%) करोड़पति। बीजेपी के 87% विधायक करोड़पति हैं, जबकि जेडीयू के 80%। ADR के जगदीप छोकर ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद दल आपराधिक प्रवृत्ति वालों को टिकट देते हैं।” महिलाओं की स्थिति भी खराब है – कुल 12% विधायक ही महिला हैं।
ये आंकड़े चुनावी नैतिकता पर बहस छेड़ रहे हैं। विपक्ष ने NDA पर निशाना साधा, जबकि सत्ता पक्ष ने विकास पर फोकस किया। 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा। ADR ने मतदाताओं से पारदर्शिता पर वोट करने की अपील की। कुल मिलाकर, बिहार की सियासत में पैसा और अपराध का दबदबा दिख रहा है, जो सुधार की मांग को तेज कर रहा है।
