बिहार चुनावी घमासान: ‘मुख्यमंत्री पद पर कोई वैकेंसी नहीं, नीतीश ही चेहरा’, तेजस्वी के तंज पर BJP का जोरदार पलटवार
बिहार चुनावी घमासान: ‘मुख्यमंत्री पद पर कोई वैकेंसी नहीं, नीतीश ही चेहरा’, तेजस्वी के तंज पर BJP का जोरदार पलटवार
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राजनीतिक तलवारें तेज हो गई हैं। महागठबंधन के घोषणा पत्र ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ जारी करने के मौके पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने NDA पर सीएम चेहरा न घोषित करने का ताना मारा, तो BJP ने तुरंत पलटवार किया। वरिष्ठ BJP नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, “मुख्यमंत्री पद की कोई वैकेंसी नहीं है। नीतीश कुमार ही एनडीए के चेहरा हैं और रहेंगे।” उन्होंने 20 साल से नीतीश के नेतृत्व में बिहार के विकास का हवाला देते हुए कहा कि तेजस्वी जैसे ‘खोखले वादों’ वाले नेता जनता को बेवकूफ नहीं बना सकते।
तेजस्वी ने मंगलवार को पटना के होटल मौर्या में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान NDA पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “महागठबंधन ने अपना CM फेस साफ कर दिया है, लेकिन NDA में अब तक कोई घोषणा नहीं हुई। अमित शाह और BJP यह बताएं कि नीतीश कुमार को दोबारा CM बनाएंगे या नहीं।” तेजस्वी ने आरोप लगाया कि BJP नीतीश को ‘कठपुतली’ की तरह इस्तेमाल कर रही है और चुनाव के बाद JDU को खत्म करने की साजिश रच रही है। उन्होंने महागठबंधन के 25 वादों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार को रोजगार, महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण चाहिए, न कि NDA के ‘धोखे’।
रविशंकर प्रसाद का यह बयान BJP की रणनीति का हिस्सा लगता है। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने अपराध, भ्रष्टाचार और पलायन में कमी देखी है। तेजस्वी यादव जैसे युवा नेता केवल परिवारवाद और खोखले वादों पर टिके हैं।” BJP प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने भी महागठबंधन पर तंज कसा कि कांग्रेस को ‘कालीन बिछाने’ का काम मिला है, जबकि VIP प्रमुख मुकेश सहनी को डिप्टी CM का झुनझुना थमा दिया। NDA ने अभी तक अपना घोषणा पत्र जारी नहीं किया है, लेकिन 30 अक्टूबर को ‘विकसित बिहार’ विजन के साथ इसे लॉन्च करने की तैयारी है।
यह विवाद बिहार की सियासत को और गरमा रहा है। महागठबंधन में RJD, कांग्रेस, VIP, CPI-ML जैसे दल तेजस्वी को CM फेस मानकर एकजुट दिख रहे हैं, जबकि NDA में JDU-BJP गठजोड़ नीतीश पर दांव लगाए हुए है। पूर्व राजस्थान CM अशोक गहलोत ने भी BJP पर महाराष्ट्र मॉडल का हवाला देकर सवाल उठाया कि क्या बिहार में भी चेहरा बदल दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि CM फेस का मुद्दा वोटरों को प्रभावित कर सकता है, खासकर युवाओं और महिलाओं में। छठ पूजा के बाद चुनावी सभाओं का दौर तेज हो जाएगा, और 6-11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा। फिलहाल, तेजस्वी का यह तंज BJP को रक्षात्मक मोड में ला दिया है, लेकिन नीतीश का समर्थन मजबूत संदेश दे रहा है।
