बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन ने जारी किया ‘तेजस्वी प्रण पत्र’, 25 बड़े वादों से जनता को लुभाने की कोशिश
बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन ने जारी किया ‘तेजस्वी प्रण पत्र’, 25 बड़े वादों से जनता को लुभाने की कोशिश
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने मंगलवार शाम को अपना साझा घोषणा पत्र जारी कर दिया। ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ नाम से मशहूर इस दस्तावेज को पटना के होटल मौर्या में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में लॉन्च किया गया। आरजेडी, कांग्रेस, वीआईपी, भाकपा-माले और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं की मौजूदगी में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने इसे ‘दिल से लिया गया संकल्प’ बताया। उन्होंने कहा, “यह प्रण बिहार को नंबर वन बनाने का है। हम प्राण देकर भी इन वादों को पूरा करेंगे।” कवर पर तेजस्वी का फोटो छपा होने से इसे उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।
घोषणा पत्र में कुल 25 प्रमुख वादे शामिल हैं, जो युवा, महिलाओं, किसानों, बेरोजगारों और अल्पसंख्यकों पर केंद्रित हैं। मुख्य आकर्षणों में हर घर में कम से कम एक सरकारी नौकरी का वादा है, जो बिहार की युवा आबादी को लक्षित करता है। इसके अलावा, भूमिहीन परिवारों को 5 डिसमिल जमीन वितरण, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, और ‘माई-बहिन योजना’ के तहत महिलाओं को मासिक सहायता शामिल है। अन्य वादों में पेंशन राशि दोगुनी करना, जीविका दीदियों के लिए अतिरिक्त लाभ, त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना करना, और पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन देना प्रमुख हैं। शिक्षा क्षेत्र में निजी संस्थानों में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण बढ़ाने और स्वास्थ्य में मुफ्त इलाज का विस्तार का ऐलान किया गया है। किसानों के लिए कर्ज माफी और सिंचाई सुविधाओं पर जोर दिया गया, जबकि वक्फ संशोधन अधिनियम पर रोक लगाने का वादा अल्पसंख्यक समुदाय को आकर्षित करने वाला है।
तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा, “एनडीए ने बिहार को सिर्फ धोखा दिया है। हम बदलाव लाएंगे।” कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इसे ‘प्रतिज्ञा पत्र’ बताते हुए कहा कि महागठबंधन सबसे पहले घोषणा पत्र जारी करने वाला गठबंधन है, जो बिहार के प्रति गंभीरता दर्शाता है। भाकपा-माले के दीपांकर भट्टाचार्य ने युवाओं और किसानों की लंबे समय की मांगों को शामिल करने पर संतुष्टि जताई। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने इसे ‘नए बिहार’ का संकल्प बताया।
यह घोषणा पत्र बिहार चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा। एनडीए 30 अक्टूबर को अपना ‘विकसित बिहार’ घोषणा पत्र जारी करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि महागठबंधन के ये वादे रोजगार और महिला सशक्तीकरण पर फोकस कर एनडीए को कड़ी टक्कर देंगे। छठ पूजा के बाद चुनावी हलचल तेज हो गई है, और जनता के बीच इन वादों की चर्चा जोरों पर है। कुल मिलाकर, ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ महागठबंधन की सत्ता वापसी की उम्मीदों को मजबूत करने वाला हथियार साबित हो सकता है।
