राजनीति

दिल्ली में छठ पर्व पर फिर गरमाई राजनीति: यमुना के प्रदूषण पर AAP और BJP आमने-सामने

दिल्ली में छठ पर्व पर फिर गरमाई राजनीति: यमुना के प्रदूषण पर AAP और BJP आमने-सामने

आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत नहाय-खाय से हो चुकी है, लेकिन दिल्ली में यमुना नदी के प्रदूषण ने इसे सियासी रंग दे दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा (BJP) के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है, जहां AAP भाजपा पर ‘झूठी सफाई’ का आरोप लगा रही है, तो BJP AAP के 10 साल के शासन को जिम्मेदार ठहरा रही है। बिहार चुनावों के मद्देनजर पूर्वांचली वोट बैंक को साधने की जंग में दोनों दल यमुना को केंद्र में रखकर एक-दूसरे पर हमलावर हैं। पर्व 25 से 28 अक्टूबर तक चलेगा, और यमुना के किनारों पर 1,300 से ज्यादा घाटों पर लाखों श्रद्धालु स्नान-पूजा करेंगे, लेकिन नदी का पानी नहाने लायक न होने का दावा विवाद को हवा दे रहा है।

AAP का हमला: ‘BJP ने यमुना को धोखा दिया, पानी पी लो अगर साफ है’

दिल्ली AAP प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को भाजपा पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “BJP ने हरियाणा और यूपी के नहरों से पानी डायवर्ट कर यमुना को अस्थायी रूप से साफ करने का भ्रम पैदा किया। यह किसानों का पानी था, जो छठ के लिए वोट खरीदने के चक्कर में बर्बाद हो गया।” भारद्वाज ने वीडियो शेयर कर हथिनीकुंड बैराज से ईस्टर्न कैनाल का सूखना दिखाया, जो यूपी के किसानों को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सांसद प्रवेश वर्मा को चुनौती दी, “अगर यमुना साफ हो गई है, तो कालिंदी कुंज का एक लीटर पानी पी लो। केमिकल से झाग तो कम हो सकता है, लेकिन प्रदूषण नहीं।” AAP ने आरोप लगाया कि भाजपा ने छठ से पहले ही पुरवंचली समुदाय को धोखा दिया, जो बिहार चुनावों में वोटों के लिए ‘नकली प्यार’ दिखा रही है। पूर्व MLA विनय मिश्रा ने कहा, “BJP ने सालों तक घाट तोड़े, अब वोट के लिए गले लग रही है।”

AAP ने दावा किया कि यमुना का पानी अभी भी जहरीला है, जहां DO (डिसॉल्व्ड ऑक्सीजन) लेवल 4.5-5.5 है, लेकिन pH 7.5 होने के बावजूद बदबू और झाग बरकरार है। पार्टी ने केंद्र और हरियाणा सरकारों को जिम्मेदार ठहराया, जो यमुना की 70% प्रदूषण का स्रोत हैं।

BJP का पलटवार: ‘AAP के 10 साल के वादे झूठे, हमने चमत्कार किया’

भाजपा ने AAP के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘झूठ का पुलिंदा’ बताया। दिल्ली BJP प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “रेखा गुप्ता सरकार ने 8 महीनों में यमुना को ऐतिहासिक मोड़ दिया। DO लेवल सामान्य के करीब है, कोई बदबू नहीं। AAP ने 10 साल में 8,500 करोड़ खर्च कर सिर्फ भ्रष्टाचार किया।” उन्होंने केजरीवाल को ललकारा, “तुमने छठ से पहले डुबकी का वादा किया था, अब बहाने बना रहे हो।” भाजपा ने 17 मॉडल घाटों का ऐलान किया, जहां टेंट, माइक, पानी, सिक्योरिटी और स्वच्छता की व्यवस्था है। सभी पुराने केस वापस लेने का वादा भी किया।

मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “पिछले साल तक AAP ने यमुना किनारे पूजा पर बैन लगाया था, अब हम भव्य छठ करा रहे हैं। केमिकल का इस्तेमाल AAP ने ही किया था, अब हाय-हाय कर रहे हैं।” भाजपा ने दावा किया कि बाढ़ और अतिरिक्त पानी रिलीज से यमुना की हालत सुधर रही है, जो आने वाले दिनों में और बेहतर होगी। पार्टी ने AAP पर ‘पूर्वांचली भाईचारे’ का ढोंग करने का आरोप लगाया।

यमुना की हकीकत: झाग और प्रदूषण का साया

विशेषज्ञों के अनुसार, यमुना में फॉस्फेट और अमोनिया की वजह से टॉक्सिक फोम बन रहा है, जो नहाने से त्वचा रोग, सांस की तकलीफ और आंखों में जलन पैदा कर सकता है। साउथ एशिया नेटवर्क्स ऑन डैम्स के भिम सिंह रावत ने कहा, “पानी रिलीज स्वागतयोग्य है, लेकिन साल भर फ्लो बढ़ाने की जरूरत है।” दिल्ली सरकार ने केमिकल स्प्रे और एंटी-फोम उपाय किए हैं, लेकिन AAP का कहना है कि यह अस्थायी है। 1,300 घाटों पर सुरक्षा के लिए 5,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं, लेकिन प्रदूषण की चेतावनी बरकरार है।

यह विवाद बिहार चुनावों से जुड़ा लगता है, जहां पूर्वांचली वोट निर्णायक हैं। AAP ने कहा, “BJP वोट के लिए छठ का इस्तेमाल कर रही है,” जबकि BJP ने इसे “AAP का नया ड्रामा” बताया। क्या यह सियासी जंग आस्था को प्रभावित करेगी, या श्रद्धालु फिर भी यमुना में डुबकी लगाएंगे?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *