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ईरान का बड़ा ऐलान: ‘होर्मुज से सभी जहाजों को गुजरने देंगे, तेल आपूर्ति पर राहत की उम्मीद

ईरान का बड़ा ऐलान: ‘होर्मुज से सभी जहाजों को गुजरने देंगे’

अराघची का बयान, तेल आपूर्ति पर राहत की उम्मीद

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी वाणिज्यिक जहाजों (commercial vessels) के लिए पूरी तरह खुला है। ईरानी नौसेना के साथ समन्वय बनाए रखने की शर्त पर सभी जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

अराघची का बयान

अराघची ने कहा, “हमारे नजरिए से होर्मुज जलडमरूमध्य सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है, लेकिन उन्हें हमारी नौसेना के साथ सहयोग करना होगा।” यह बयान लेबनान में सीजफायर के दौरान लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुश्मन देशों (मुख्य रूप से अमेरिका और इजराइल) से जुड़े जहाजों पर पाबंदी बरकरार रहेगी, जबकि मित्र देशों (भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान आदि) के जहाजों को आसानी से गुजरने की अनुमति मिलेगी।

यह ऐलान ऐसे समय आया है जब होर्मुज संकट के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही थी और भारत समेत कई देशों को ऊर्जा सुरक्षा की चिंता सताने लगी थी।

पृष्ठभूमि

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के करीब 20% तेल निर्यात होता है। ईरान-इजराइल-अमेरिका तनाव के दौरान ईरान ने कई बार इसे बंद करने की धमकी दी थी।

हालिया सीजफायर के बाद ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग खोलने का फैसला किया है।

भारत के लिए यह राहत भरा है क्योंकि देश का बड़ा हिस्सा तेल आयात इसी रूट से होता है। UAE और सऊदी अरब जैसी यात्राओं के साथ यह बयान भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर सकता है।

प्रभाव और प्रतिक्रिया

तेल कीमतों पर असर: बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में गिरावट की संभावना।

भारत की स्थिति: विदेश मंत्रालय ने स्वागत किया है। PM मोदी की UAE यात्रा में LPG और तेल भंडारण समझौते के साथ यह बयान भारत के लिए डबल राहत साबित हो सकता है।

चेतावनी: अराघची ने साफ कहा कि कोई भी जहाज ईरानी नौसेना के निर्देशों का पालन नहीं करेगा तो उसकी सुरक्षा की गारंटी नहीं होगी।

अपडेट (15 मई 2026 शाम): ईरानी विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि समन्वय के आधार पर सभी मित्र देशों के जहाजों को पासेज दिया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। आगे के घटनाक्रम पर नजर बनी रहेगी।

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