बिहार चुनाव: ‘…अन्याय कर रहे’, पर्चा खारिज होने पर रो पड़ीं मोहनिया से RJD कैंडिडेट श्वेता सुमन; BJP पर लगाए गंभीर आरोप
बिहार चुनाव: ‘…अन्याय कर रहे’, पर्चा खारिज होने पर रो पड़ीं मोहनिया से RJD कैंडिडेट श्वेता सुमन; BJP पर लगाए गंभीर आरोप
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को एक और बड़ा झटका लगा है। कैमूर जिले की मोहनिया विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार श्वेता सुमन का नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया। चुनाव आयोग ने श्वेता के हलफनामे में विसंगतियां पाते हुए यह फैसला लिया, जिसमें 2020 के चुनाव में उन्होंने अपना मूल स्थान उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का बताया था, जबकि 2025 में बिहार का निवास दिखाया। BJP की शिकायत पर कार्रवाई के बाद श्वेता भावुक हो गईं और मीडिया के सामने रो पड़ीं। उन्होंने चुनाव आयोग और BJP पर “दिल्ली से दबाव” का आरोप लगाते हुए कहा, “अन्याय कर रहे हैं… BJP और उनकी उम्मीदवार मुझसे डर गई हैं।” यह घटना नामांकन समीक्षा के दौरान सामने आई, जब कुल कई उम्मीदवारों के पर्चे रद्द हुए।
श्वेता सुमन ने मीडिया से बातचीत में आंसू पोंछते हुए कहा, “मैं 20 साल से मोहनिया में रह रही हूं, लेकिन BJP की साजिश से मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया। रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और अन्य अधिकारी दिल्ली के दबाव में थे। वे बेबस थे।” उन्होंने BJP उम्मीदवार संगीता कुमारी पर भी निशाना साधा, “संगीता ने नोटिफिकेशन डेट के बाद जाति प्रमाण पत्र जमा किया, लेकिन BJP होने से कुछ नहीं हुआ। PM मोदी और अमित शाह का दबाव था।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां श्वेता की भावुकता ने विपक्षी समर्थकों को भड़का दिया।
नामांकन रद्द के मुख्य कारण
– हलफनामे में विसंगति: 2020 में श्वेता ने चंदौली (UP) को मूल निवास बताया था, जबकि 2025 में बिहार का निवास। BJP ने इस पर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद रद्दगी हुई।
– जाति प्रमाण पत्र विवाद: कुछ रिपोर्ट्स में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का भी जिक्र है, लेकिन मुख्य कारण निवास विवरण की गड़बड़ी रही।
– राजनीतिक साजिश का आरोप: श्वेता ने कहा, “BJP उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए यह किया गया। वे RJD से डरते हैं।”
महागठबंधन पर बढ़ता दबाव
यह झटका JMM के बाहर निकलने, VIP प्रत्याशी शशि भूषण सिंह के नामांकन रद्द और अन्य सीटों पर विवादों के बाद आया है। RJD नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा, “यह डबल इंजन सरकार का भ्रष्टाचार है। महागठबंधन मजबूत है, लेकिन चुनाव आयोग को निष्पक्ष रहना चाहिए।” कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भी कहा, “महागठबंधन एकजुट है, BJP की साजिशें विफल होंगी।” वहीं, NDA ने इसे “नियमों का पालन” बताया। BJP प्रवक्ता ने कहा, “चुनाव आयोग स्वतंत्र है, RJD अपनी हार को साजिश बताती है।”
मोहनिया SC आरक्षित सीट है, जहां पिछड़े और दलित वोट निर्णायक हैं। श्वेता 2020 में RJD से ही लड़ी थीं, और इस बार भी मजबूत दावेदार मानी जा रही थीं। अब RJD को नया उम्मीदवार उतारने या अपील दाखिल करने का विकल्प है, लेकिन समय कम है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को है।
यह घटना बिहार चुनाव में पारदर्शिता पर सवाल खड़ी कर रही है। क्या RJD इस झटके से उबर पाएगी? विपक्ष की एकजुटता पर नजरें टिकी हैं।
