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मध्य प्रदेश में बनेगा देश का सबसे बड़ा एयरबेस, ग्वालियर जिले में 100 एकड़ जमीन पर होगा निर्माण, गूंजेंगी फाइटर जेट्स की आवाज

मध्य प्रदेश में बनेगा देश का सबसे बड़ा एयरबेस, ग्वालियर जिले में 100 एकड़ जमीन पर होगा निर्माण, गूंजेंगी फाइटर जेट्स की आवाज

भारतीय वायुसेना (IAF) ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में देश का सबसे बड़ा एयरबेस स्थापित करने का ऐलान किया है। यह नया एयरबेस महाराजपुर एयर फोर्स स्टेशन (AFS) को अपग्रेड करके बनाया जाएगा, जो पहले से ही मिराज 2000 फाइटर जेट्स का घर है। लगभग 100 एकड़ जमीन पर विकसित होने वाला यह बेस एशिया का सबसे बड़ा एयरबेस बनने की दिशा में एक कदम होगा, जो उन्नत फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट विमानों और प्रशिक्षण सुविधाओं से लैस होगा। इससे मध्य भारत की हवाई शक्ति मजबूत होगी, और फाइटर जेट्स की गर्जना ग्वालियर की आकाश गूंजेगी।

महाराजपुर एयरबेस का विस्तार: क्यों सबसे बड़ा?

महाराजपुर AFS, जो ग्वालियर से 10 किमी उत्तर-पूर्व में स्थित है, वर्तमान में IAF का एक प्रमुख बेस है। यह मिराज 2000 जेट्स का एकमात्र ऑपरेशनल बेस है और एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल का केंद्र भी है। नया विस्तार 100 एकड़ जमीन पर होगा, जिसमें रनवे का लंबाई बढ़ाना, नए हैंगर, रडार सिस्टम और प्रशिक्षण सेंटर शामिल हैं। IAF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह बेस मध्य भारत की रक्षा रणनीति का केंद्र बनेगा, जो पश्चिमी सीमा (पाकिस्तान) और दक्षिणी क्षेत्रों को कवर करेगा।” विस्तार का बजट 2,500 करोड़ रुपये से अधिक है, जो 2026 तक पूरा होगा।

निर्माण का एक्शन प्लान: क्या होगा खास?

– जमीन अधिग्रहण: ग्वालियर जिले के महाराजपुर गांव के आसपास 100 एकड़ सरकारी और निजी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। स्थानीय प्रशासन ने 50 एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध करा दी है, बाकी किसानों से सहमति ली जा रही है।

– सुविधाएं: 3,000 मीटर लंबा नया रनवे, 4 नए हैंगर, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम का इंटीग्रेशन, और क्रैश रेस्क्यू टीम। फाइटर जेट्स जैसे राफेल, सुखोई Su-30 MKI का संचालन होगा।

– रोजगार और विकास: 5,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी, और आसपास इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़कें, हॉस्पिटल) विकसित होगा। ग्वालियर एयरपोर्ट के साथ एकीकरण से सिविल उड़ानों को भी फायदा।

– समयसीमा: आधारभूत कार्य 2025 के अंत तक, पूरा बेस 2028 तक चालू।

रणनीतिक महत्व: मध्य भारत की हवाई ताकत

यह बेस सेंट्रल एयर कमांड (प्रयागराज) के अधीन होगा, जो मध्य भारत को मजबूत करेगा। वर्तमान में हिंदन (उत्तर प्रदेश) एशिया का सबसे बड़ा एयरबेस है, लेकिन महाराजपुर का विस्तार इसे पार कर जाएगा। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है, “यह पाकिस्तान और चीन सीमाओं के बीच रणनीतिक संतुलन बनाएगा। फाइटर जेट्स की आवाज ग्वालियर को ‘स्काई सिटी’ बना देगी।”

स्थानीय लोगों ने स्वागत किया, लेकिन कुछ किसानों ने मुआवजे की मांग की है। सरकार ने 50 लाख रुपये प्रति एकड़ का पैकेज घोषित किया है। यह प्रोजेक्ट ‘मेक इन इंडिया’ का हिस्सा है, जो IAF की 75वीं वर्षगांठ पर समर्पित होगा। ग्वालियर अब हवाई रक्षा का नया केंद्र बनेगा।

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