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केरल में भारी बारिश की चेतावनी: IMD ने 10 से ज्यादा जिलों के लिए जारी किया ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट

केरल में भारी बारिश की चेतावनी: IMD ने 10 से ज्यादा जिलों के लिए जारी किया ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट

दक्षिण भारत में मानसून की विदाई के बाद भी केरल में भारी बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 20 अक्टूबर 2025 को राज्य के 10 से अधिक जिलों के लिए ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले 24 घंटों में 7-11 सेमी तक बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर-पूर्वी मानसून के प्रभाव से अरब सागर पर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जो 19 अक्टूबर से ही सक्रिय है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह बारिश 24 अक्टूबर तक जारी रहेगी, जिससे बाढ़, भूस्खलन और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

IMD का अलर्ट: कौन-कौन से जिले प्रभावित?

IMD ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ (7-11 सेमी बारिश) मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए जारी किया है, जबकि ‘येलो अलर्ट’ (64.5-115.5 मिमी बारिश) पठानमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पालक्कड़ और वायनाड में लागू है। इसके अलावा, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, त्रिशूर और अन्य जिलों में 17-23 अक्टूबर तक भारी वर्षा की चेतावनी है।

– ऑरेंज अलर्ट जिले: मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर, कासरगोड (भारी से बहुत भारी वर्षा, 115.5 मिमी से अधिक संभव)।

– येलो अलर्ट जिले: पठानमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पालक्कड़, वायनाड (मध्यम से भारी वर्षा)।

– अन्य प्रभावित: तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा (17-21 अक्टूबर तक 7-11 सेमी वर्षा)।

IMD ने चेतावनी दी कि 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो 55 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं। केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप तटों पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

प्रभाव और सुरक्षा उपाय: बाढ़-भूस्खलन का खतरा

केरल में मानसून की विदाई के बावजूद कम दबाव का क्षेत्र अरब सागर में बन रहा है, जो अगले 36 घंटों में डिप्रेशन में बदल सकता है। इससे राज्य भर में बाढ़, भूस्खलन, सड़कें बंद होने और बिजली-पानी की समस्या हो सकती है। इडुक्की जिले में पहले ही भारी बारिश से सड़कें बंद हो चुकी हैं, और मुल्लापेरियार बांध के गेट खोले गए हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने निर्देश दिए हैं:

– कमजोर घरों और ढलानों पर रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें।

– भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतें।

– सड़कों पर जलभराव से बचाव के लिए ड्रेनेज साफ करें।

– हेल्पलाइन: 1077 या स्थानीय SDMA कार्यालय।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वर्षा उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत का संकेत है, जो नवंबर तक जारी रहेगी।

केरल के निवासियों से अपील: बारिश में बाहर न निकलें, और अपडेट्स के लिए IMD ऐप चेक करें।

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