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‘INS विक्रांत के नाम से ही पाकिस्तान की नींद उड़ी’, PM मोदी ने नौसेना के साथ मनाया दिवाली उत्सव

‘INS विक्रांत के नाम से ही पाकिस्तान की नींद उड़ी’, PM मोदी ने नौसेना के साथ मनाया दिवाली उत्सव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली 2025 का उत्सव भारतीय नौसेना के सैनिकों के साथ मनाया, जो INS विक्रांत विमानवाहक पोत पर गोवा और करवार के तट से दूर अरब सागर में आयोजित हुआ। मोदी ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा, “INS विक्रांत का नाम ही पाकिस्तान की नींद उड़ा देता है।” यह बयान ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में था, जहां भारतीय नौसेना की भूमिका ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था। पीएम ने सैनिकों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा, “आप सभी बहादुर सैनिकों के बीच यह दिवाली मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”

INS विक्रांत पर दिवाली का आयोजन प्रधानमंत्री मोदी की 11 वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जहां वे हर साल सशस्त्र बलों के साथ त्योहार मनाते हैं। इस बार, स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर सैनिकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, एयर पावर डेमो और दीप प्रज्वलन का आयोजन किया। मोदी ने कहा, “समुद्र की गहराई और सूर्योदय की किरणों ने इस दिवाली को विशेष बना दिया। यह पोत भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।” उन्होंने नौसेना के नए ध्वज का जिक्र करते हुए कहा कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरित है, जो भारतीय गौरव को दर्शाता है।

पीएम ने सैनिकों से बातचीत में कहा, “आपका समर्पण और अनुशासन राष्ट्र को प्रेरित करता है। INS विक्रांत जैसी स्वदेशी ताकत पाकिस्तान को रातों की नींद हराम कर देती है।” कार्यक्रम में सैनिकों ने देशभक्ति गीत गाए, और मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की कहानी साझा की, जहां नौसेना, वायुसेना और थलसेना की संयुक्त ताकत ने दुश्मन को करारा जवाब दिया। एक सैनिक ने कहा, “पीएम का आगमन हमें नई ऊर्जा देता है।”

यह आयोजन भारतीय नौसेना की ताकत को प्रदर्शित करता है। INS विक्रांत, जो भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत है, 45,000 टन विस्थापन वाला है और 30 विमानों को ले जाने की क्षमता रखता है। मोदी ने कहा, “यह पोत न केवल शक्ति का प्रतीक है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ का गौरव भी।” कार्यक्रम में वायुसेना के मिग-29 और अन्य विमानों का डेमो भी हुआ।

विपक्ष ने इसे सराहा, लेकिन कांग्रेस नेता ने कहा, “सैनिकों का सम्मान तो होना चाहिए, लेकिन रक्षा बजट में कटौती का क्या?” भाजपा ने इसे “राष्ट्रभक्ति का प्रतीक” बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दिवाली सशस्त्र बलों की मनोबल बढ़ाने का माध्यम बनेगी।

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