‘पासपोर्ट माफिया’ पर ED का बड़ा एक्शन: बंगाल से Indu Bhushan गिरफ्तार, पाकिस्तानी Azad Mullick का खुलासा
‘पासपोर्ट माफिया’ पर ED का बड़ा एक्शन: बंगाल से Indu Bhushan गिरफ्तार, पाकिस्तानी Azad Mullick का खुलासा
कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्जी पासपोर्ट रैकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के चाकदाहा से एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी इंदु भूषण को पाकिस्तानी नागरिक आजाद मुल्लिक का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है, जो पहले ही इस रैकेट में गिरफ्तार हो चुका है। ED की जांच में पाकिस्तान कनेक्शन उजागर हुआ है, जिसमें अवैध प्रवासियों को फर्जी भारतीय दस्तावेज प्रदान करने का मामला सामने आया है। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो रही है।
ED ने बताया कि इंदु भूषण इस रैकेट का मुख्य ऑपरेटर था, जो चाकदाहा से संचालित होता था। उसे 300 से अधिक फर्जी पासपोर्ट प्राप्त करने का जिम्मेदार माना जा रहा है, जो मुख्य रूप से बांग्लादेश से अवैध रूप से घुसपैठ करने वालों को दिए जाते थे। भूषण को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया और उसे कोलकाता की PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे एक दिन की ED हिरासत में भेज दिया गया। अगली सुनवाई बुधवार को होगी। ED के एक अधिकारी ने कहा, “भूषण आजाद मुल्लिक का दाहिना हाथ था। मुल्लिक, जो पाकिस्तानी मूल का है, ने 2019 में बांग्लादेशी पासपोर्ट के साथ भारत में घुसपैठ की और फर्जी दस्तावेज बनवाए।”
आजाद मुल्लिक (53 वर्ष) को अप्रैल 2025 में बिराटी से गिरफ्तार किया गया था। शुरुआत में वह खुद को बांग्लादेशी बताता रहा, लेकिन जांच में पाकिस्तानी होने का खुलासा हुआ। ED ने कोर्ट को बताया कि मुल्लिक ने 2014 से ही भारत में घुसपैठ की योजना बनाई थी। वह पाकिस्तान से बांग्लादेश होते हुए 2017 में फर्जी पासपोर्ट बनवाकर आया और भारत में आधार कार्ड, वोटर आईडी और भारतीय पासपोर्ट प्राप्त कर लिया। उसके फोन से 20,000 से अधिक संपर्क नंबर मिले, जिनमें पाकिस्तानी ISD कोड वाले थे। ED ने उसके वॉयस रिकॉर्डिंग्स को डिकोड कर पाकिस्तानी संपर्कों की जांच शुरू कर दी है। मुल्लिक ने कम से कम 200-500 अवैध प्रवासियों के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए, जिनमें पाकिस्तानी और बांग्लादेशी शामिल थे।
ED की जांच में मुल्लिक के नाम से जुड़े बैंक खातों में पिछले 3-4 वर्षों में 50 करोड़ रुपये नकद जमा होने का खुलासा हुआ। ये पैसे फर्जी पासपोर्ट और वीजा बनाने से अर्जित बताए जा रहे हैं। मुल्लिक ने दुबई, कंबोडिया, मलेशिया और यूरोपीय देशों के लिए फर्जी वीजा भी बनाए। ED ने कोर्ट को बताया कि जांच चल रही है कि क्या इन फर्जी दस्तावेजों से पाकिस्तान से कोई उग्रवादी यूरोप भेजा गया। मुल्लिक ने ‘मल्लिक ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन’ नाम की कंपनी खोली, जो अवैध कारोबार का कवर थी। उसके दो बेटे ओसामा बिन आजाद और ओमर फारूक बांग्लादेश में रहते हैं, और ED उनकी तलाश में जुटी है।
यह मामला दिसंबर 2024 में पश्चिम बंगाल पुलिस की जांच से शुरू हुआ था, जिसमें कई गिरफ्तारियां हुईं। ED ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला मानते हुए PMLA के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रैकेट पाकिस्तान से जुड़े जासूसी या आतंकवादी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। ED ने भूषण से पूछताछ में और खुलासे होने की उम्मीद जताई है। जांच जारी है, और आगे गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
