अन्तर्राष्ट्रीय

ICC में वांटेड हैं पुतिन, तो क्या हंगरी में हो जाएंगे गिरफ्तार? उठ रहे सवाल

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हंगरी यात्रा को लेकर वैश्विक स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ यूक्रेन युद्ध समाप्त करने पर चर्चा के लिए पुतिन को हंगरी के बुडापेस्ट बुलाया गया है। यह दूसरी ऐसी मुलाकात होगी, जो अगस्त 2025 में अलास्का में हुई थी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के कारण पुतिन की गिरफ्तारी की आशंका ने तनाव बढ़ा दिया है। ICC ने मार्च 2023 में पुतिन के खिलाफ यूक्रेन के बच्चों की अवैध बेदखली के लिए युद्ध अपराधों का आरोप लगाते हुए वारंट जारी किया था। सवाल यह है कि क्या पुतिन को गिरफ्तार किया जा सकता है, या हंगरी उन्हें सुरक्षित रखेगा?

यात्रा का संदर्भ और चुनौतियां

ट्रंप और पुतिन ने 16 अक्टूबर को फोन पर बात की, जिसमें यूक्रेन युद्ध समाप्त करने पर सहमति बनी। ट्रंप ने कहा कि अगली दो हफ्तों में बुडापेस्ट में मुलाकात होगी। हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन, जो ICC से अलग होने की प्रक्रिया में हैं, ने कहा, “हंगरी शांति का द्वीप है। हम पुतिन को सम्मान के साथ स्वागत करेंगे और उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेंगे।” लेकिन ICC के 124 सदस्य देशों को वारंट लागू करना अनिवार्य है। पुतिन के प्लेन को हंगरी पहुंचने के लिए पोलैंड, रोमानिया या स्लोवाकिया जैसे देशों के एयरस्पेस से गुजरना पड़ेगा, जहां गिरफ्तारी का खतरा है। संभावित रूट्स में तुर्की से भूमध्य सागर होकर या बेलारूस-पोलैंड से होकर जाना शामिल है, लेकिन पोलैंड जैसे देशों ने साफ कहा है कि वे वारंट लागू करेंगे।

गिरफ्तारी की संभावना: हंगरी का रुख

हंगरी ने अप्रैल 2025 में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (जिनके खिलाफ भी ICC वारंट है) का स्वागत किया था, जिसके बाद ICC से अलग होने की घोषणा की। लेकिन अलगाव जून 2026 तक प्रभावी नहीं होगा, इसलिए हंगरी अभी भी वारंट लागू करने के लिए बाध्य है। हंगरी के विदेश मंत्री पीटर सिजार्टो ने कहा कि वे पुतिन को “सुरक्षित प्रवेश” देंगे। यूरोपीय संघ के एक वरिष्ठ राजनयिक ने कहा, “गिरफ्तारी तार्किक होगी, लेकिन ऑर्बन ऐसा नहीं करेंगे।” जर्मनी ने हंगरी को याद दिलाया कि वे ICC के सदस्य हैं।

पुतिन ने पहले भी ICC सदस्य मंगोलिया और ताजिकिस्तान का दौरा किया था, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। रूस ICC को मान्यता नहीं देता और उसके खिलाफ वारंट जारी किया है।विशेषज्ञों का मानना है कि गिरफ्तारी की संभावना नगण्य है, क्योंकि ऑर्बन का रूस से करीबी रिश्ता है।<

सोशल मीडिया पर बहस

X (पूर्व ट्विटर) पर यूजर्स ICC की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। एक यूजर ने कहा, “ICC को अपने प्रॉसीक्यूटर करीम खान की यौन उत्पीड़न जांच पर फोकस करना चाहिए।” दूसरे ने लिखा, “ऑर्बन PR के लिए कर रहे हैं, लेकिन यूक्रेन को भी शामिल होना चाहिए।” कई ने हंगरी को “शांति का द्वीप” कहा, लेकिन यूरोपीय संघ के साथ तनाव की आशंका जताई।

यह यात्रा यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन ICC वारंट ने इसे विवादास्पद बना दिया है। पुतिन की गिरफ्तारी की संभावना कम है, लेकिन यात्रा मार्ग और हंगरी का रुख अंतरराष्ट्रीय कानून की परीक्षा बनेगा।

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