2027 चुनाव की तैयारी के लिए मायावती ने की अहम बैठक: बसपा ने तैयार किया रोडमैप, आकाश आनंद को मिली युवा मोर्चे की कमान
2027 चुनाव की तैयारी के लिए मायावती ने की अहम बैठक: बसपा ने तैयार किया रोडमैप, आकाश आनंद को मिली युवा मोर्चे की कमान
उत्तर प्रदेश की सियासत में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 2027 विधानसभा चुनावों के लिए कमर कस ली है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में ‘महासंकल्प’ बैठक आयोजित की, जिसमें वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिला प्रभारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कांशीराम की पुण्यतिथि पर उमड़ी भीड़ से उत्साहित मायावती ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया और चुनावी रणनीति का खाका तैयार किया। हालांकि, उनके भतीजे और पार्टी के कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद स्वास्थ्य खराब होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।
बैठक में मायावती ने साफ निर्देश दिए कि अगले तीन महीनों में बूथ स्तर तक संगठन गठन का काम पूरा किया जाए। उन्होंने कहा, “दलित, मुस्लिम और पिछड़े वर्गों का वोट एकजुट करना हमारा लक्ष्य है। 2027 में अकेले चुनाव लड़कर बहुमत हासिल करेंगे और बहन जी को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाएंगे।” विशेषज्ञों के अनुसार, बसपा का कोर वोटबैंक अभी भी 10 प्रतिशत के आसपास मजबूत है, लेकिन 2024 लोकसभा चुनावों में वोट शेयर घटकर 9.35 प्रतिशत रह गया। मायावती ने पंचायत चुनावों को भी ध्यान में रखते हुए ग्रामीण स्तर पर अभियान तेज करने के आदेश दिए।
एक अहम फैसला आकाश आनंद को लेकर लिया गया। उन्हें प्रदेश भर में जनसभाओं का आयोजन करने और युवा मोर्चे को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। मायावती खुद संगठन की कमान संभालेंगी, जबकि आकाश युवाओं को जोड़ने पर फोकस करेंगे। बैठक में मंडल से लेकर जिला स्तर तक 1028 नए प्रभारी नियुक्त करने का ऐलान भी हुआ। प्रत्येक मंडल में चार मुख्य प्रभारी और विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो प्रभारी होंगे। यह फेरबदल ‘मिशन 2027’ का हिस्सा है, जिसका आगाज 9 अक्टूबर को कांशीराम पुण्यतिथि पर किया गया था।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मायावती और आकाश के प्रदेशव्यापी दौरे का शेड्यूल भी अंतिम रूप दिया गया। ये दौरे वोटरों से सीधा संपर्क बढ़ाने और आधार मजबूत करने के लिए होंगे। बसपा ने किसी गठबंधन से इनकार कर दिया है। पूर्व सांसदों और निष्कासित नेताओं पर भी चर्चा हुई, लेकिन कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा, “बीजेपी और सपा की साजिशों से सावधान रहें, बहुजन समाज की एकता ही हमारी ताकत है।”
यह बैठक बसपा के पुनरुत्थान का संकेत दे रही है। 2012 के बाद लगातार कमजोर पड़ रही पार्टी अब त्रिकोणीय मुकाबले की कोशिश कर रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि बूथ स्तर पर संगठन मजबूत हुआ, तो बसपा 226 सीटों पर दावा ठोक सकती है। हालांकि, युवा वोटरों को लुभाने और मुस्लिम समुदाय पर पकड़ बनाने की चुनौती बरकरार है। कुल मिलाकर, यह बैठक मायावती की चुपचाप चल रही तैयारी का हिस्सा है, जो 2027 के चुनावी समर को रोमांचक बना सकती है।
