बिहार चुनाव: चिराग, मांझी और कुशवाहा मान गए? NDA सीट शेयरिंग फाइनल, 13 अक्टूबर को उम्मीदवारों की पहली लिस्ट
बिहार चुनाव: चिराग, मांझी और कुशवाहा मान गए? NDA सीट शेयरिंग फाइनल, 13 अक्टूबर को उम्मीदवारों की पहली लिस्ट
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सीट शेयरिंग पर NDA में चली लंबी खींचतान के बाद सुलह हो गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा ने BJP-JD(U) के फॉर्मूले को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को दिल्ली में BJP के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई अंतिम बैठक के बाद NDA ने सीट बंटवारे को फाइनल कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, 13 अक्टूबर को उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी हो सकती है। यह फैसला गठबंधन की एकजुटता को मजबूत करेगा, जो 6-11 नवंबर के दो चरणों वाले चुनाव में NDA को फायदा पहुंचाएगा।
सीट शेयरिंग का फाइनल फॉर्मूला: क्या-क्या तय?
NDA ने 243 सीटों का बंटवारा इस तरह किया है, जो BJP-JD(U) के 50:50 फॉर्मूले पर आधारित है। छोटे सहयोगियों की मांगों को संतुलित करते हुए यह व्यवस्था की गई:
BJP ने 100-102 सीटें मांगीं, अंतिम 101-102 सीटें मिलीं। JD(U) ने 102-103 सीटें मांगीं, अंतिम 102-103 सीटें मिलीं। LJP(RV) (चिराग पासवान) ने 40-50 सीटें मांगीं, अंतिम 20-25 सीटें मिलीं। HAM(S) (जीतन राम मांझी) ने 15-20 सीटें मांगीं, अंतिम 8-10 सीटें मिलीं। RLM (उपेंद्र कुशवाहा) ने 20-22 सीटें मांगीं, अंतिम 6-7 सीटें मिलीं। अन्य छोटे सहयोगियों ने कोई मांग नहीं की, अंतिम 5-6 सीटें मिलीं।
चिराग पासवान ने 25 सीटें स्वीकार कीं, जिसमें गोविंदगंज और ब्रह्मपुर जैसी मजबूत सीटें शामिल हैं। मांझी को 8-10 सीटें मिलीं, जो उनकी 15 की मांग से कम हैं, लेकिन उन्होंने कहा, “गठबंधन का सम्मान रखा।” कुशवाहा की RLM को 6-7 सीटें दी गईं, जो उनकी 20-22 की डिमांड से कम हैं, लेकिन वे संतुष्ट हैं। BJP-JD(U) मिलकर 200+ सीटें लेंगे, जो 2020 की 125 से ज्यादा है।
कैसे बनी सहमति? दिल्ली बैठक का रोल
सोमवार को पटना में BJP चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, विनोद तावड़े और मंगल पांडेय ने चिराग, मांझी और कुशवाहा से अलग-अलग मुलाकात की। मंगलवार को दिल्ली में अमित शाह की मौजूदगी में अंतिम चर्चा हुई। चिराग ने कहा, “NDA की जीत सुनिश्चित करने के लिए हमने समझौता किया। नीतीश जी CM फेस हैं।” मांझी ने इमोशनल होकर कहा, “15 गांवों की तरह 8-10 सीटें मिलीं, लेकिन गठबंधन परिवार है।” कुशवाहा ने कहा, “हमारी मांगें पूरी हुईं, अब 225+ सीटें जीतेंगे।”
प्रधान ने कहा, “सभी सहयोगी संतुष्ट हैं। 13 अक्टूबर को पहली लिस्ट जारी होगी, जिसमें 50-60 उम्मीदवार होंगे।” JD(U) ने BJP को बंटवारे की जिम्मेदारी सौंपी थी।
राजनीतिक निहितार्थ: NDA मजबूत, विपक्ष पर दबाव
यह सहमति NDA को एकजुट दिखाएगी, जो युवा, दलित और EBC वोट बैंक पर फोकस करेगी। चिराग का दलित वोट, मांझी का महादलित और कुशवाहा का कुर्मी वोट महत्वपूर्ण हैं। विपक्षी महागठबंधन (RJD-कांग्रेस) ने इसे “समझौता” बताया, लेकिन तेजस्वी यादव ने कहा, “NDA की कलह खत्म हुई, लेकिन जनता सब देख रही है।” जन सुराज के प्रशांत किशोर सभी 243 पर लड़ेंगे, जो वोट स्प्लिट कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि NDA का फॉर्मूला संतुलित है, लेकिन छोटे दलों को कम सीटें देने से असंतोष रह सकता है। चुनाव 6 और 11 नवंबर को, नतीजे 14 नवंबर को।
