उत्तराखंड

सहायक शिक्षक LT के 1544 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ: नैनीताल हाईकोर्ट ने रोक हटाई, राजस्व उप-निरीक्षक वरिष्ठता पर भी फैसला

सहायक शिक्षक LT के 1544 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ: नैनीताल हाईकोर्ट ने रोक हटाई, राजस्व उप-निरीक्षक वरिष्ठता पर भी फैसला

उत्तराखंड में सहायक शिक्षक (लाइसेंस्ड टीचर – LT) ग्रेड के 1544 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को बड़ा झटका लगने के बाद राहत मिली है। नैनीताल हाईकोर्ट ने मंगलवार को सभी लंबित मामलों पर अंतिम फैसला सुनाते हुए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा जारी रिजल्ट पर लगी रोक हटा दी। कोर्ट ने कुछ अभ्यर्थियों के मामलों में पदों को रिक्त रखने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, राजस्व उप-निरीक्षक (पटवारी) की वरिष्ठता सूची पर भी कोर्ट ने फैसला सुनाया, जिससे अल्मोड़ा जिले में लंबित प्रक्रिया तेज हो सकेगी। यह फैसला हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है।

सहायक शिक्षक LT भर्ती पर रोक हटाने का विवरण

UKSSSC ने 2023 में सहायक शिक्षक LT ग्रेड के 1544 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी, लेकिन रिजल्ट जारी होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। इन याचिकाओं में मेरिट लिस्ट, आरक्षण और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। हाईकोर्ट ने 2024 में स्टे ऑर्डर जारी कर रिजल्ट पर रोक लगा दी थी, जिससे भर्ती प्रक्रिया रुक गई।

मंगलवार को जस्टिस मनोज कुमार घिल्डियाल की बेंच ने सुनवाई पूरी करते हुए सभी याचिकाओं का निपटारा किया। कोर्ट ने कहा कि UKSSSC को निर्देश दिया जाता है कि भर्ती प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाया जाए, लेकिन जिन याचिकाकर्ताओं के मामले सही पाए गए, उनके लिए संबंधित पदों को रिक्त रखा जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और आरक्षण नियमों का पालन अनिवार्य है। इससे लगभग 10,000 अभ्यर्थी लाभान्वित होंगे, जो LT ग्रेड के माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाने के लिए इंतजार कर रहे थे।

UKSSSC के सचिव डॉ. भानु प्रसाद पंत ने कहा, “कोर्ट के फैसले का स्वागत है। हम अगले 15 दिनों में रिजल्ट अपडेट और नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।”

राजस्व उप-निरीक्षक वरिष्ठता पर कोर्ट का फैसला

कोर्ट ने एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में राजस्व उप-निरीक्षक (पटवारी) की वरिष्ठता सूची पर फैसला सुनाया। अल्मोड़ा जिले में पटवारी कैडर की अनंतिम वरिष्ठता सूची पर आपत्तियां लंबित थीं। कोर्ट ने उत्तराखंड सरकारी सेवक वरिष्ठता नियमावली, 2002 के नियम 9 का हवाला देते हुए जिलाधिकारी अल्मोड़ा को निर्देश दिया कि आपत्तियों का निस्तारण कर तीन महीने के भीतर अंतिम सूची जारी करें।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पटवारी का कैडर जिला स्तर का होता है, जबकि अगली पदोन्नति (सुपरवाइजर कानूनगो/राजस्व निरीक्षक) मंडल स्तर पर होती है। इसलिए वरिष्ठता जिला-वार तय की जाएगी। यह फैसला 200 पटवारियों के करियर को प्रभावित करेगा और भविष्य की भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।

अभ्यर्थियों में उत्साह, सरकार की प्रतिक्रिया

फैसले के बाद अभ्यर्थी संगठनों ने खुशी जताई। उत्तराखंड शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने कहा, “यह फैसला लंबे संघर्ष का फल है। अब भर्ती तेजी से पूरी हो सकेगी।” शिक्षा मंत्री डॉ. धनंजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, “हाईकोर्ट का फैसला राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा। UKSSSC को निर्देश दिए हैं कि प्रक्रिया में कोई देरी न हो।”

यह फैसला उत्तराखंड में शिक्षक भर्ती और राजस्व विभाग की प्रक्रियाओं को गति देगा। अभ्यर्थी UKSSSC की वेबसाइट पर अपडेट चेक कर सकते हैं।

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