UKSSSC पेपर लीक केस: खालिद और साबिया की न्यायिक हिरासत बढ़ी, SIT ने खोले बड़े राज; परीक्षा केंद्र पर जामर की कमी का बड़ा खुलासा
UKSSSC पेपर लीक केस: खालिद और साबिया की न्यायिक हिरासत बढ़ी, SIT ने खोले बड़े राज; परीक्षा केंद्र पर जामर की कमी का बड़ा खुलासा
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के ग्रेजुएट लेवल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में मंगलवार को देहरादून कोर्ट ने मुख्य आरोपी खालिद मलिक और उनकी बहन साबिया की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी। विशेष जांच दल (SIT) ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करते हुए कई बड़े खुलासे किए हैं, जिसमें परीक्षा केंद्र पर जामर की कमी और परिवार के अन्य सदस्यों की संलिप्तता शामिल है। यह मामला 21 सितंबर की परीक्षा से जुड़ा है, जहां तीन पेज के प्रश्न पत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्ती से कहा, “परीक्षा में नकल करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
न्यायिक हिरासत बढ़ाने का फैसला
देहरादून की विशेष अदालत ने SIT की रिपोर्ट के आधार पर खालिद (मुख्य आरोपी) और साबिया (35 वर्षीय बहन) की न्यायिक हिरासत को बढ़ाया। खालिद को 23 सितंबर को हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जबकि साबिया को उसी दिन पूछताछ के दौरान हिरासत में लिया गया। कोर्ट ने कहा कि जांच पूरी होने तक दोनों को जेल में रखा जाए। SIT ने कोर्ट को बताया कि खालिद ने परीक्षा केंद्र में एक डिवाइस (संभवतः मिनी कैमरा) का इस्तेमाल कर तीन पेज की फोटो खींची और उन्हें साबिया के फोन पर भेजा। साबिया ने फिर तहरी की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजकर उत्तर प्राप्त किए।
अन्य आरोपी सुमन चौहान और खालिद की दूसरी बहन हिना भी पुलिस हिरासत में हैं। कोर्ट ने SIT को 7 दिनों में पूरक चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया।
SIT के बड़े खुलासे: जामर की कमी और साजिश का एंगल
SIT की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
– जामर की कमी: परीक्षा केंद्र (हरिद्वार के आदर्श बाल साधन इंटर कॉलेज, बहादुरपुर जाट गांव) के खालिद वाले कमरे में जामर इंस्टॉल नहीं था, जबकि अन्य कमरों में था। SIT परीक्षा केंद्र स्टाफ और जामर टीम से पूछताछ कर रही है। इससे साजिश का शक गहरा गया है।
– साजिश का खुलासा: खालिद ने बाथरूम जाने की अनुमति लेकर फोटो खींचीं, लेकिन दोबारा जाने की कोशिश पर इनविजिलेटरों ने रोक दिया। इसलिए उत्तर देखे बिना ही OMR शीट भरनी पड़ी। SIT ने पुष्टि की कि खालिद नकल में सफल नहीं हो सका, लेकिन पेपर लीक हो गया।
– परिवार की भूमिका: साबिया ने फोटो सुमन को भेजीं, जो उत्तर देकर वापस भेजती रहीं। हिना की भूमिका भी जांच के दायरे में है। खालिद के घर पर अवैध बिजली कनेक्शन मिला, जिसकी जांच चल रही है।
– सोशल मीडिया का रोल: पेपर लीक के बाद स्क्रीनशॉट शेयर करने वालों की जांच; SIT का कहना है कि तुरंत सूचना देने से आरोपी पकड़े जा सकते थे।
रायपुर थाने में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (नकल निवारण) अध्यादेश, 2023 के तहत केस दर्ज है। SIT ने अब तक 20 से अधिक लोगों से पूछताछ की है।
सरकारी और राजनीतिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “यह पूरी व्यवस्था को बदनाम करने की साजिश है। SIT को सख्ती से जांच करने के निर्देश दिए हैं।” विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया, लेकिन SSP देहरादून अजय सिंह ने कहा, “साजिश का एंगल साफ हो रहा है, पूछताछ जारी है।” UKSSSC ने प्रभावित अभ्यर्थियों को पुनः परीक्षा का विकल्प दिया है।
यह मामला उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। SIT ने चेतावनी दी कि आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
