Thursday, September 10, 2026
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बिहार चुनाव: चिराग पासवान की सख्त शर्तों से NDA में सीट बंटवारे पर संकट

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखें घोषित हो चुकी हैं, लेकिन NDA गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अब चिराग पासवान के कड़े तेवरों ने सबको चौंका दिया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट शर्त रख दी है कि उनकी पार्टी को ऐसी सीटें मिलें, जहां 100 प्रतिशत जीत की गारंटी हो। उनकी यह मांग, साथ ही 40 से अधिक सीटों की दावेदारी, BJP-JD(U) के बीच खींचतान बढ़ा रही है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चिराग ने कहा, “मेरे लिए दो सीटें कम-ज्यादा मायने नहीं रखतीं, लेकिन क्वालिटी जरूरी है।”

चिराग की मुख्य शर्तें

चिराग पासवान ने हालिया बयानों में अपनी रणनीति साफ कर दी है। उनकी शर्तें निम्नलिखित हैं:

1. 100% स्ट्राइक रेट वाली सीटें: चिराग का कहना है कि लोकसभा चुनाव की तरह ही विधानसभा में भी ऐसी सीटें चाहिएं, जहां LJP(RV) की जीत पक्की हो। ABP Live की खबर के मुताबिक, उन्होंने कहा, “मैं शत प्रतिशत स्ट्राइक रेट दूंगा, इसलिए विनिंग सीटें ही लूंगा।” यह शर्त NDA के बड़े भाई BJP और JD(U) के लिए मुश्किल है, क्योंकि वे अपनी मजबूत सीटें छोड़ना नहीं चाहते।

2. 40+ सीटों की मांग: चिराग की पार्टी 40 से ज्यादा सीटें चाहती है, जो 243 सीटों वाले बिहार में छोटे सहयोगी के लिए बड़ी दावेदारी है। NDTV की रिपोर्ट में स्रोतों ने बताया कि BJP-JD(U) मिलकर 200+ सीटें लेंगी, लेकिन चिराग की जिद से बाकी 40 सीटों का बंटवारा अटक गया है। JD(U) तो 20 से ज्यादा देने को तैयार नहीं।

3. जनरल कैटेगरी से चुनाव: चिराग खुद जनरल सीट से लड़ना चाहते हैं, न कि SC रिजर्व्ड से। द वीक के अनुसार, इससे उनकी पार्टी का अपील सभी जातियों तक फैलेगी। इसके अलावा, शाहाबाद क्षेत्र पर फोकस है, जहां NDA पिछली बार कमजोर पड़ा था।

ये शर्तें चिराग की महत्वाकांक्षा को दर्शाती हैं। वे खुद को NDA का मजबूत स्तंभ बताते हुए नीतीश कुमार के CM फेस होने का समर्थन तो कर रहे हैं, लेकिन भविष्य में अपनी दावेदारी भी मजबूत करना चाहते हैं।

बंटवारे पर क्यों अटकाव?

NDA में सीट बंटवारा सितंबर से चर्चा में है, लेकिन चिराग की शर्तों ने इसे जटिल बना दिया। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमित शाह और नीतीश कुमार की हालिया मुलाकात में भी यह मुद्दा हल नहीं हुआ। JD(U) 50:50 फॉर्मूला (BJP के साथ) चाहती है, जबकि छोटे सहयोगी (HAM, RLM) भी 8-15 सीटें मांग रहे हैं। चिराग की मांग से कुल 40 सीटों का पूल ही प्रभावित हो रहा है।

विपक्षी महागठबंधन ने इसे NDA की आंतरिक कलह बताया है। RJD नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, “NDA में सीटों की जंग शुरू हो गई, जनता सब देख रही है।” एक्स पर हालिया पोस्ट्स में भी चर्चा है कि चिराग की प्रशांत किशोर (जन सुराज पार्टी) से नजदीकी NDA को और परेशान कर रही है।

संभावित फॉर्मूला

स्रोतों के अनुसार, अंतिम बंटवारा चुनाव आयोग की तारीखों (6 और 11 नवंबर को वोटिंग) के बाद तय होगा। संभावित रूप से:

– BJP: 101-102 सीटें

– JD(U): 102-103 सीटें

– LJP(RV): 20-25 सीटें (चिराग की शर्त मानकर)

– HAM और RLM: 8-10 सीटें मिलाकर

चिराग ने नव रात्रि के शुभ मुहूर्त में चर्चा की उम्मीद जताई है। अगर शर्तें पूरी न हुईं, तो वे अकेले लड़ने का संकेत दे चुके हैं, जो 2020 की तरह JD(U) को नुकसान पहुंचा सकता है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि चिराग का दबाव NDA की एकजुटता पर परीक्षा लेगा, खासकर दलित और EBC वोट बैंक में।

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