बिहार चुनाव 2025: कांग्रेस की तैयारी जोरों पर, सीट शेयरिंग में RJD से खींचतान लेकिन फॉर्मूला फाइनल होने को तैयार
बिहार चुनाव 2025: कांग्रेस की तैयारी जोरों पर, सीट शेयरिंग में RJD से खींचतान लेकिन फॉर्मूला फाइनल होने को तैयार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) में सीट बंटवारे की चर्चाएं तेज हो गई हैं, लेकिन कांग्रेस की तैयारी अब लगभग पूरी हो चुकी है। 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होने वाले चुनावों के ऐलान के बाद RJD, कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियों, VIP, JMM और LJP (परस) जैसे सहयोगियों के बीच बातचीत तेज हो गई है। कांग्रेस ने 19 वर्तमान सीटों के अलावा 12 ऐसी सीटें (जहां हार का अंतर 10,000 वोट से कम था) और 13 अन्य (10,000-20,000 वोट का अंतर) पर फोकस किया है। हालांकि, RJD की 130-138 सीटों की मांग से तनाव है, लेकिन स्रोतों के मुताबिक, 10 अक्टूबर तक फाइनल फॉर्मूला तय हो सकता है।
कांग्रेस की चुनावी तैयारी: फोकस युवा, बेरोजगारी और वोटर लिस्ट पर
कांग्रेस ने राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ (जिसमें उन्होंने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए) के बाद अपनी रणनीति को मजबूत किया है। पार्टी ने मुस्लिम-दलित बहुल इलाकों जैसे सीमांचल, वैशाली, नालंदा, सुपौल, फुलहरास, बिहारीगंज, सोनबरसा, कुशेश्वर स्थान, बेनिपुर, कुचायकोट, बेलदौर, हरनौत, सुल्तानगंज, अमरपुर, राजगीर और टेकारी पर नजर रखी है।
– कैंपेन हाइलाइट्स: राहुल गांधी अगस्त 2025 में मल्टी-डे टूर पर बिहार आएंगे, जहां युवा पलायन, बेरोजगारी और मतदाता सूची सुधार पर जोर देंगे। कन्हैया कुमार की पदयात्रा और डिजिटल कैंपेन (AI वीडियोज, मीम्स) चल रहे हैं। पार्टी ने राज्य इकाई को रिवैंप किया – राजेश राम को प्रदेश अध्यक्ष और कृष्णा अल्लावरू को इन-चार्ज बनाया।
– स्ट्राइक रेट सुधार: 2020 में 70 सीटों पर सिर्फ 19 जीत के बाद, अब ‘क्वालिटी सीट्स’ पर फोकस। पार्टी का दावा है कि SIR से हटाए गए 3.66 लाख नामों में कांग्रेस समर्थक ज्यादा हैं, जिसे मुद्दा बनाया जाएगा।
– ग्रासरूट मोबिलाइजेशन: पंचायत स्तर पर मीटिंग्स, महिलाओं और EBC के लिए विशेष अभियान। प्रियंका गांधी भी रैलियों का नेतृत्व करेंगी।
कांग्रेस का लक्ष्य: 2020 की 19 सीटों से दोगुना (40+) हासिल करना। राज्य अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा, “हम ‘गुड’ सीट्स पर दावा करेंगे, जहां हमारी जीत पक्की है।”
सीट शेयरिंग में कितनी बनी बात? RJD से तकरार लेकिन समाधान नजदीक
महागठबंधन की पहली मीटिंग अप्रैल 2025 में हुई थी, जहां कांग्रेस ने 70 सीटों की मांग की। लेकिन नए सहयोगियों (JMM, LJP-परस) के आने से बात जटिल हो गई। RJD 150+ सीटें चाहती है, VIP 60+ (डिप्टी CM पोस्ट के साथ), CPI-ML 40, जबकि कांग्रेस अब 52-55 पर राजी होने को तैयार।
– संभावित फॉर्मूला (स्रोतों के हवाले से):
– RJD: 130-138 सीटें (2020 की 144 से कम, लेकिन सबसे ज्यादा)।
– कांग्रेस: 52-55 सीटें (2020 की 70 से कम, लेकिन ‘विनेबल’ वाली)।
– लेफ्ट पार्टियां (CPI, CPI-ML, CPI-M): 35 सीटें।
– छोटे सहयोगी (VIP, JMM, LJP-परस): 15-20 सीटें मिलाकर।
2020 फॉर्मूले (RJD 144, कांग्रेस 70, लेफ्ट 29) पर कांग्रेस ने सवाल उठाए, क्योंकि उनकी स्ट्राइक रेट कम थी। RJD ने कुछ विवादित सीटें (जैसे JD(U) वाली 15) छोड़ने का संकेत दिया। तेजस्वी यादव CM फेस पर अड़े हैं, लेकिन कांग्रेस का कहना है, “जनता तय करेगी।” Lalu प्रसाद के सुझाव पर RJD ने विवाद सुलझाने की कोशिश की।
विपक्षी नेता कृष्णा अल्लावरू ने कहा, “सीट बंटवारा बैलेंस्ड होना चाहिए – सभी को ‘गुड’ और ‘बैड’ सीटें मिलें।” अगर डील फाइनल हुई, तो महागठबंधन NDA (131 सीटें वर्तमान) को कड़ी टक्कर दे सकता है। लेकिन देरी से वोटर्स का असर पड़ सकता है।
राजनीतिक विश्लेषण
विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस की तैयारी NDA की एकजुटता (BJP-JD(U) 200+ सीटें) को चुनौती देगी, खासकर मुद्दों जैसे बेरोजगारी (तेजस्वी का 10 लाख नौकरियां वादा) पर। जन सुराज (प्रशांत किशोर) सभी 243 पर लड़ेगी, जो वोट स्प्लिट कर सकती है। कुल 7.42 करोड़ वोटर्स के साथ, महिला और युवा वोट निर्णायक होंगे।
