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अयोध्या: राम की पैड़ी पर 6 विशाल दीपकों के साथ दीपोत्सव की भव्य तैयारी

भगवान राम की नगरी अयोध्या एक बार फिर दीपोत्सव के भव्य आयोजन के लिए सजने को तैयार है। इस बार 19 अक्टूबर को होने वाले नौवें दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। खास बात यह है कि राम की पैड़ी पर छह विशालकाय पत्थर के दीपक बनाए जा रहे हैं, जो इस उत्सव के स्थायी प्रतीक बनेंगे। ये दीपक अयोध्या की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक धरोहर को दुनिया के सामने चमकाएंगे।

विशालकाय दीपकों का निर्माण

राम की पैड़ी पर बन रहे ये छह विशालकाय दीपक बिहार के शिल्पकारों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। पत्थर से बने इन दीपकों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और 10 अक्टूबर तक इन्हें पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक दीपक की ऊंचाई और डिजाइन इतनी भव्य होगी कि ये दीपोत्सव के दौरान दूर से ही नजर आएंगे। आयोजन समिति के अनुसार, ये दीपक न केवल उत्सव का आकर्षण बढ़ाएंगे, बल्कि रामराज्य की भावना को जीवंत करने का प्रतीक भी बनेंगे।

इस बार की खासियतें

इस वर्ष का दीपोत्सव पिछले रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ने को तैयार है। सरयू नदी के 56 घाटों, जिसमें राम की पैड़ी, चौधरी चरण सिंह घाट, झुनकी घाट और लक्ष्मण किला घाट शामिल हैं, पर करीब 29 लाख दीपक जलाए जाएंगे। पिछले साल 25 लाख से अधिक दीपकों के साथ विश्व रिकॉर्ड बना था, लेकिन इस बार 28 लाख से ज्यादा दीपकों का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से अधिकांश गोबर से बने पर्यावरण-अनुकूल दीपक होंगे।

– ड्रोन शो का जादू: 1,000 से अधिक ‘मेड इन इंडिया’ ड्रोनों से आकाश में भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान की जीवंत छवियां दिखाई जाएंगी। यह शो आस्था और तकनीक का अनोखा संगम होगा।

– ग्रीन फायरवर्क्स: पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए हरित आतिशबाज़ी का इस्तेमाल किया जाएगा, जो प्रदूषण-मुक्त होगी।

– सांस्कृतिक आयोजन: रामलीला, सांस्कृतिक झांकियां, लेजर शो और महाआरती जैसे कार्यक्रम होंगे। 32,000 से अधिक स्वयंसेवक (वॉलंटियर्स) दीपक बिछाने और व्यवस्था में मदद करेंगे।

– मार्किंग का कार्य: घाटों पर दीपक रखने के लिए मार्किंग तेजी से चल रही है। प्रत्येक घाट पर 4.5 स्क्वायर फीट क्षेत्र चिह्नित किया गया है, ताकि व्यवस्था सुचारू रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस उत्सव को वैश्विक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “यह दीपोत्सव अयोध्या को रामराज्य की जीवंत प्रतीक बनाएगा और सनातन परंपरा को नई ऊंचाई देगा।”

सुरक्षा और स्वच्छता पर जोर

दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि राम की पैड़ी और आसपास का क्षेत्र चमकदार रहे। 65,000 लीटर तेल का उपयोग 29 लाख दीपकों के लिए किया जाएगा।

यह दीपोत्सव न केवल भक्ति का त्योहार होगा, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने वाला वैश्विक आयोजन भी साबित होगा। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहला बड़ा दीपोत्सव है, जो अयोध्या को आस्था का नया केंद्र बनाएगा।

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