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‘पता नहीं आपका क्लाइंट नाराज हो जाए…’ सुप्रीम कोर्ट में CJI गवई ने माइक बंद कर साथी जज से की बात

‘पता नहीं आपका क्लाइंट नाराज हो जाए…’ सुप्रीम कोर्ट में CJI गवई ने माइक बंद कर साथी जज से की बात

जूता फेंकने की घटना के एक दिन बाद सुप्रीम कोर्ट में हल्की-फुल्की टिप्पणी, वकील को चेतावनी देते हुए कहा- सोशल मीडिया में कुछ भी वायरल हो सकता है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ब्रजगोपाल हरि गवई ने 7 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान एक वकील को हल्के लहजे में चेताया। उन्होंने माइक म्यूट कर साथी जज से कहा, “पता नहीं आपका क्लाइंट नाराज हो जाए…”। यह टिप्पणी ऑल इंडिया जजेस एसोसिएशन (AIJA) से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान आई, जहां CJI ने वकील से कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर कुछ भी वायरल हो सकता है, जिससे मुवक्किल (क्लाइंट) नाराज हो सकता है। यह घटना कल (6 अक्टूबर) सुप्रीम कोर्ट में एक वकील द्वारा CJI पर जूता फेंकने की नाकाम कोशिश के ठीक एक दिन बाद हुई।

घटना का पूरा विवरण

– सुनवाई का संदर्भ: CJI गवई की बेंच ऑल इंडिया जजेस एसोसिएशन के मामले पर सुनवाई कर रही थी। वकील ने अपनी दलीलें पेश कीं, लेकिन CJI ने बीच में टोकते हुए कहा, “आजकल सोशल मीडिया में पता नहीं चलता कि क्या रिपोर्ट होगा… आपका मुवक्किल बहुत नाराज हो जाएगा।” इसके बाद उन्होंने माइक बंद कर साथी जज से फुसफुसाते हुए बात की, जो कोर्टरूम में मौजूद लोगों ने सुनी।

– हल्का लहजा लेकिन गंभीर संदेश: CJI की यह टिप्पणी वकीलों को सोशल मीडिया के दुरुपयोग से सावधान करने वाली थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोर्ट की कार्यवाही को गलत तरीके से पेश करने से क्लाइंट का नुकसान हो सकता है। बेंच ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया।

यह वाकया सुप्रीम कोर्ट के डिजिटल युग में गोपनीयता और मीडिया कवरेज के मुद्दे को उजागर करता है।

जूता फेंकने की घटना की पृष्ठभूमि

कल (6 अक्टूबर 2025) सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने CJI गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की, जो एक केस में फैसले से नाराजगी के चलते हुई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर वकील को पकड़ लिया। CJI ने शांत रहते हुए सुनवाई जारी रखी, लेकिन घटना ने कोर्ट की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस ने वकील के खिलाफ FIR दर्ज की है, और जांच चल रही है। यह घटना 2023 में CJI डीवाई चंद्रचूड़ पर हमले की याद दिला देती है।

सुप्रीम कोर्ट और CJI गवई का बैकग्राउंड

– CJI बीआर गवई: 24 मई 2025 को 52वें CJI बने। वे सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज थे। बॉम्बे हाईकोर्ट से शुरू कर सुप्रीम कोर्ट तक का सफर। सामाजिक न्याय और संवैधानिक मामलों पर उनके फैसले चर्चित हैं।

– सुप्रीम कोर्ट में हालिया घटनाएं: कोविड के बाद कोर्ट में डिजिटल सुनवाई बढ़ी, लेकिन फिजिकल हियरिंग में ऐसी घटनाएं दुर्लभ हैं। CJI ने पहले भी वकीलों को सोशल मीडिया पर जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार की सलाह दी है।

प्रतिक्रियाएं

– वकील समुदाय: बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने जूता फेंकने वाली घटना की निंदा की, लेकिन CJI की टिप्पणी को ‘समझदारीपूर्ण’ बताया।

– सोशल मीडिया: #CJI_Gavai ट्रेंड कर रहा है। यूजर्स ने लिखा, “CJI का ह्यूमर कमाल का! लेकिन सुरक्षा बढ़ानी होगी।” एक पोस्ट में कहा गया, “सोशल मीडिया युग में जजों को भी सतर्क रहना पड़ता है।”

यह घटना न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने की चुनौतियों को रेखांकित करती है।

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