विदिशा में जमीन विवाद का खौफनाक अंत: दो बेटों ने कुल्हाड़ी से मां की बेरहमी से हत्या की, पूरा शरीर छलनी
विदिशा में जमीन विवाद का खौफनाक अंत: दो बेटों ने कुल्हाड़ी से मां की बेरहमी से हत्या की, पूरा शरीर छलनी
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सनसनीखेज हत्याकांड: 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की अपने ही बेटों ने ली जान। 7 अक्टूबर की रात में हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। दोषी बेटों ने संपत्ति के लालच में अपनी मां मानबाई (75) पर कुल्हाड़ी से इतने वार किए कि उनका शरीर छलनी हो गया। घटना छोटे बेटे के घर पर हुई, जहां मां उसके साथ रह रही थीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन आरोपी अभी फरार हैं।
हत्याकांड की पूरी कहानी
विदिशा के ग्राम आकोखरी (जिला मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर) में रहने वाली मानबाई अपने पांच बेटों में सबसे छोटे बेटे बलवंत चिड़मार (45) के साथ रहती थीं। परिवार के पास करीब 15 बीघा उपजाऊ जमीन थी, जो मुख्य रूप से बलवंत ही जोतता था। मां की यह इच्छा थी कि यह संपत्ति छोटे बेटे को ही मिले, लेकिन अन्य भाई लंबे समय से बंटवारे की मांग कर रहे थे।
– विवाद की जड़: बड़े बेटे महाराज सिंह (50) और रामप्रसाद चिड़मार (48) ने बार-बार जमीन का हिस्सा मांगा, लेकिन मानबाई ने इनकार कर दिया। इससे परिवार में तनाव बढ़ता गया। 6 अक्टूबर की रात को दोनों भाई अपने साथियों के साथ बलवंत के घर पहुंचे। मां को जगाकर उन्होंने बंटवारे का मुद्दा फिर उठाया।
– खौफनाक हमला: बहस के दौरान गुस्साए बेटों ने कुल्हाड़ी निकाल ली। उन्होंने मां पर ताबड़तोड़ वार किए। मानबाई ने चीख-पुकार मचाई, लेकिन अंधेरे में कोई मदद न पहुंच सका। हमलावरों ने इतने प्रहार किए कि मां का सिर, हाथ और धड़ बुरी तरह जख्मी हो गया। छोटा बेटा बलवंत ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन हमलावर भाग निकले। मानबाई की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी सुबह हुई, जब पड़ोसी चीखें सुनकर पहुंचे। बलवंत ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए विदिशा जिला अस्पताल भेज दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के धब्बे, कुल्हाड़ी के निशान और अन्य साक्ष्य बरामद किए।
परिवार का बैकग्राउंड
– मानबाई का जीवन: विधवा मानबाई पति की मौत के बाद खेतीबाड़ी से गुजारा करती रहीं। वे छोटे बेटे के साथ खुशहाल जीवन जी रही थीं, लेकिन बड़े बेटों के साथ संबंध तनावपूर्ण हो चुके थे। ग्रामीणों का कहना है कि विवाद तीन साल से चल रहा था, और कई बार पंचायतें बुलाई गईं।
– आरोपी बेटे: महाराज सिंह और रामप्रसाद स्थानीय किसान हैं। दोनों की पत्नियां और बच्चे हैं, लेकिन संपत्ति के लालच ने उन्हें ‘हैवान’ बना दिया। पुलिस को शक है कि उनके साथ 2-3 अन्य लोग भी थे।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
– विदिशा पुलिस अधीक्षक विषाल सिंह ने बताया कि दो नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या), 452 (घर में घुसकर हत्या) और 34 (साझा साजिश) के तहत केस दर्ज किया गया है।
– आरोपी बेटों की तलाश में छापेमारी शुरू। नाकाबंदी कर दी गई है, और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
– एसपी ने कहा, “यह पारिवारिक विवाद का चरम रूप है। हम जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करेंगे। परिवार को न्याय मिलेगा।”
– स्थानीय विधायक ने मुआवजे की घोषणा की और प्रभावित परिवार को सहायता का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों की प्रतिक्रियाएं
गांव में शोक की लहर है। पड़ोसियों ने कहा, “मानबाई एक नेक महिला थीं, जो सबकी मदद करती थीं। बेटों का यह कृत्य अमानवीय है।”
यह घटना मध्य प्रदेश में बढ़ते पारिवारिक विवादों की पृष्ठभूमि में आई है, जहां पिछले साल 200 से ज्यादा संपत्ति संबंधी हत्याएं दर्ज हुईं। विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायती राज को मजबूत करने की जरूरत है।
