मैथिली ठाकुर के बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें
मैथिली ठाकुर के बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें
बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका और इंडियन आइडल फेम मैथिली ठाकुर के राजनीति में कदम रखने की चर्चा जोरों पर है। 6 अक्टूबर 2025 को चुनाव आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों (6 और 11 नवंबर) की घोषणा के ठीक बाद यह खबर सुर्खियों में आ गई। मैथिली ने बीजेपी के चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात की, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इन तस्वीरों और मुलाकात ने अटकलों को हवा दी कि बीजेपी उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट दे सकती है।
मुलाकात का विवरण
– कब और कहाँ: 5-6 अक्टूबर 2025 को पटना में हुई इस मुलाकात में मैथिली के पिता भी मौजूद थे।
– बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया: विनोद तावड़े ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, “लालू प्रसाद यादव के सत्ता में आने के बाद 1995 में बिहार छोड़ने वाले परिवार की बेटी मैथिली ठाकुर बिहार के बदलते स्वरूप को देखकर वापस लौटना चाहती हैं। नित्यानंद राय और मैंने उन्हें बिहार के विकास में योगदान देने का आग्रह किया।” यह पोस्ट स्पष्ट रूप से उनके राजनीतिक प्रवेश का संकेत दे रही है।
कौन सी सीट से चुनाव लड़ सकती हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेपी मैथिली ठाकुर को दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से मैदान में उतारने पर विचार कर रही है।
– कारण: अलीनगर सीट बीजेपी के पास है, लेकिन वर्तमान विधायक मिश्री लाल यादव के खिलाफ पार्टी में असंतोष है। एंटी-इनकंबेंसी को दूर करने के लिए बीजेपी नई चेहरा लाना चाहती है। मैथिली की लोकप्रियता युवा और सांस्कृतिक रूप से जागरूक वोटरों को आकर्षित कर सकती है।
– वैकल्पिक सीट: कुछ रिपोर्ट्स में **मधुबनी जिले की बेनीपट्टी** सीट का भी जिक्र है, क्योंकि मैथिली मूल रूप से बेनीपट्टी (मधुबनी) की रहने वाली हैं। हालांकि, अलीनगर पर ज्यादा फोकस है।
मैथिली का बैकग्राउंड
– उम्र और उपलब्धियाँ: 25 वर्षीय मैथिली मैथिली लोक संगीत और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रशिक्षित गायिका हैं। उन्हें 2021 में संगीत नाटक अकादमी का उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार मिला। चुनाव आयोग ने उन्हें बिहार का ‘स्टेट आइकॉन’ भी बनाया था।
– राजनीतिक रुचि: मैथिली ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर कहा, “बिहार के बड़े सपनों वाले लोगों से हर बातचीत मुझे दृष्टि और सेवा की शक्ति याद दिलाती है। श्री नित्यानंद राय और श्री विनोद तावड़े का सम्मान और आभार।” इससे उनके राजनीतिक झुकाव का अंदाजा लगता है।
क्या होगा अगला कदम?
– अभी तक बीजेपी या मैथिली की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह केवल अटकलें हैं, लेकिन पार्टी की रणनीति के तहत कलाकारों और युवाओं को टिकट देकर वोट बैंक मजबूत करने की कोशिश दिख रही है।
– बिहार चुनाव में एनडीए (बीजेपी-जेडीयू) और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला होगा। मैथिली का प्रवेश दरभंगा-मधुबनी क्षेत्र में बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
यह खबर बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है, जहाँ सांस्कृतिक हस्तियाँ वोटरों को प्रभावित करती हैं। अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।
