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बांग्लादेश बॉर्डर पर पशु तस्करों का धारदार हथियारों से जानलेवा हमला: BSF इंस्पेक्टर कपिल देव सिंह की संदिग्ध मौत, जांच तेज

बांग्लादेश बॉर्डर पर पशु तस्करों का धारदार हथियारों से जानलेवा हमला: BSF इंस्पेक्टर कपिल देव सिंह की संदिग्ध मौत, जांच तेज

भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशी तस्करी रोकने की कोशिश में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक इंस्पेक्टर की संदिग्ध मौत ने सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया है। मालदा जिले के मनिकचक थाना क्षेत्र में रविवार देर रात तस्करों ने धारदार हथियारों से हमला बोला, जिसमें BSF के 68 बटालियन के इंस्पेक्टर कपिल देव सिंह (42 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में हमला तस्करों का बताया जा रहा है, लेकिन मौत की सटीक वजह (चोट या अन्य) स्पष्ट नहीं है। BSF ने तस्करों की तलाश तेज कर दी है, जबकि घटना ने सीमा पर सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना रविवार रात करीब 11:30 बजे हुई, जब इंस्पेक्टर कपिल देव सिंह अपनी टीम के साथ रूटिन पेट्रोलिंग पर थे। BSF के डीआईजी (साउथ बंगाल फ्रंटियर) एके अर्य ने बताया, “पेट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखी। इंस्पेक्टर सिंह ने तस्करों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे धारदार हथियारों (कुल्हाड़ी और तलवार जैसी) से लैस थे। हमले में इंस्पेक्टर को कई चोटें आईं। उन्हें मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।” पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन परिवार और सहकर्मियों का शक है कि चोटों के अलावा कोई अन्य कारक भी हो सकता है।

मालदा भारत-बांग्लादेश सीमा का संवेदनशील जिला है, जहां मवेशी तस्करी आम समस्या है। 2024 में ही यहां 500 से अधिक तस्करी के प्रयास नाकाम किए गए, लेकिन तस्करों के हमले बढ़ गए हैं। घटना के बाद BSF ने सीमा पर अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कीं और जॉइंट ऑपरेशन के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) से संपर्क किया। स्थानीय एसपी सौम्येंदु रंजन मुखर्जी ने कहा, “हमले में शामिल 4-5 तस्करों की पहचान हो चुकी है। मनिकचक क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चल रहा है।” तस्करों के पास से 10-15 मवेशी बरामद किए गए, जो बांग्लादेश ले जाए जा रहे थे।

यह घटना सीमा पर BSF जवानों की कठिनाइयों को उजागर करती है। 2025 में ही पश्चिम बंगाल सीमा पर 15 से अधिक हमले दर्ज हो चुके हैं, जिसमें 3 जवान घायल हुए। मानवाधिकार संगठन ओधिकार की रिपोर्ट के अनुसार, सीमा पर गोलीबारी और हमलों से दोनों पक्षों के नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। BSF ने कहा कि तस्करी रोकने के लिए ‘ऑपरेशन ग्रासरूट’ तेज किया जाएगा।

इंस्पेक्टर कपिल देव सिंह, जो बिहार के निवासी थे, 2005 बैच के अधिकारी थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। BSF ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी का ऐलान किया। सहकर्मियों ने कहा, “कपिल सर हमेशा ड्यूटी पर सतर्क रहते थे। उनकी मौत से बटालियन सदमे में है।” केंद्रीय गृह मंत्रालय ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

यह हादसा भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी की समस्या को फिर से रेखांकित करता है, जहां 4,096 किमी लंबी सीमा पर फेंसिंग के बावजूद चुनौतियां बरकरार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संयुक्त निगरानी और स्मार्ट फेंसिंग से ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं।

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