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देशभर में धूमधाम से मनाया गया दशहरा: कहीं आग की लपटों में जल उठा रावण, तो कहीं बारिश ने बहा दिया उत्सव का रंग

देशभर में धूमधाम से मनाया गया दशहरा: कहीं आग की लपटों में जल उठा रावण, तो कहीं बारिश ने बहा दिया उत्सव का रंग

विजयादशमी के पावन पर्व पर पूरे भारत में दशहरा उत्सव की धूम मच गई। भगवान राम की रावण पर विजय का प्रतीक यह त्योहार कहीं आग की लपटों में रंगीन हो गया, तो कहीं भारी बारिश ने रावण दहन को बहा दिया। दिल्ली-एनसीआर से लेकर पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक, लाखों श्रद्धालुओं ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। हालांकि, मौसम ने कई जगहों पर उत्सव को चुनौती दी, फिर भी परंपराओं ने सभी को एकजुट कर दिया।

दिल्ली में भारी बारिश ने दशहरा समारोहों पर ब्रेक लगा दिया। लव कुश रामलीला कमिटी द्वारा लाल किले के मैदान पर आयोजित भव्य कार्यक्रम को प्रभावित किया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा रद्द हो गया। इसके बावजूद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्री धर्मिक लीला कमिटी के आयोजन में हिस्सा लिया और रावण दहन का साक्ष्य दिया। रामलीला मैदान पर 50 फुट ऊंचे पुतले जलाए गए, लेकिन बारिश के कारण कई आयोजन छोटे रूप में सिमट गए। दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक डायवर्जन और मेट्रो स्पेशल सेवाओं के बावजूद, श्रद्धालु उत्साह से भरे रहे।

उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में उत्सव जोरों पर रहा। देहरादून के परेड ग्राउंड पर रावण का पुतला आग की लपटों में जल उठा, जबकि अमृतसर के दशहरा ग्राउंड पर स्टेज सजा और पंजाब में सामुदायिक एकता का संदेश दिया गया। हरियाणा के पंचकुले में 180 फुट ऊंचा रावण पुतला (ट्राईसिटी का सबसे बड़ा) जलाया गया, जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि बने। हालांकि, करनाल में मेघनाद का पुतला गिरने से एक महिला घायल हो गई। पंजाब और बिहार के पटना में सिंदूर खेला के साथ महिलाओं ने उत्सव में रंग भर दिया।

मध्य प्रदेश में दशहरा का उत्सव विवादास्पद रहा। भोपाल में सुबह-सुबह शराब के नशे में धुत युवकों ने रावण पुतला जला दिया, जिससे आयोजकों को शाम के कार्यक्रम के लिए नया पुतला तैयार करने की हड़बड़ी मच गई। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। वहीं, नोएडा स्टेडियम में सांसद डॉ. महेश शर्मा ने रावण दहन में भाग लिया, जबकि सीतामऊ में विधायक हरदीप सिंह डांग ने सत्य की विजय का संदेश दिया।

राजस्थान और गुजरात में भी बारिश ने उत्सव को रोका नहीं। जयपुर के आदर्श नगर में बारिश के बीच पेट्रोल डालकर रावण दहन किया गया, लेकिन पुतले गिर गए। कतरियासर गांव में डॉ. बीएल स्वामी के प्रतीकात्मक पुतले को रावण मानकर जलाया गया। वलसाड के गुंडलाव गांव में सांसद धवल पटेल ने भाग लिया। पुणे में सरस्वबौग मंदिर के पास रात 9:30 बजे पहला रावण दहन हुआ, जबकि मुंबई में शाम 6:26 से 7:10 बजे तक आयोजन चले।

सोशल मीडिया पर #Dussehra2025 और #RavanaDahan ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स ने आग की लपटों से लेकर बारिश में भीगते उत्सव की तस्वीरें शेयर कीं। मोरादाबाद पुलिस ने शांति और एकता का संदेश दिया, जबकि झाबुआ में आदिवासी गरबा ने सांस्कृतिक रंग जोड़ा। यह पर्व न केवल बाहरी बुराई का अंत, बल्कि आंतरिक अहंकार के दहन का प्रतीक है।

राजनीतिक हस्तियों ने भी शुभकामनाएं दीं। अमित शाह, योगी आदित्यनाथ और स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया पर विजय का संदेश साझा किया। कुल मिलाकर, दशहरा ने देश को एक सूत्र में बांध दिया, जहां आग और पानी दोनों ने त्योहार का अलग-अलग रूप दिखाया।

(रिपोर्ट: unnatbharatlive.com न्यूज डेस्क)

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