कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बड़ा एक्शन: आतंकी संगठन घोषित, संपत्ति जब्ती का रास्ता साफ
कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बड़ा एक्शन: आतंकी संगठन घोषित, संपत्ति जब्ती का रास्ता साफ
कनाडा ने भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले गैंग को ‘आतंकी संगठन’ घोषित कर दिया है। पब्लिक सेफ्टी मिनिस्टर गैरी अनंदासंगरी ने सोमवार को घोषणा की कि बिश्नोई गैंग को क्रिमिनल कोड के तहत ‘टेररिस्ट एंटिटी’ सूचीबद्ध किया गया है। यह कदम कनाडा में डायस्पोरा समुदायों को निशाना बनाने, हत्याओं, वसूली और हिंसा फैलाने के आरोपों के बाद उठाया गया। अब गैंग की संपत्ति, वाहन और फंड्स जब्त किए जा सकेंगे, और कनाडाई नागरिकों के लिए उनके साथ किसी भी सौदे को अपराध माना जाएगा।
गैंग की गतिविधियां और कनाडा का निशाना
लॉरेंस बिश्नोई (32 वर्षीय गैंगस्टर, जो 2014 से भारत में जेल में बंद है) का गैंग भारत से संचालित होता है, लेकिन कनाडा में सिख डायस्पोरा वाले इलाकों जैसे ब्रिटिश कोलंबिया और अल्बर्टा में सक्रिय है। कनाडा सरकार के बयान में कहा गया कि गैंग हत्याएं, गोलीबारी, आगजनी, वसूली और धमकियों से ‘डर का माहौल’ पैदा करता है। विशेष रूप से दक्षिण एशियाई समुदायों को टारगेट किया जाता है, जिसमें कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर दो हमले (2025 में) भी शामिल हैं, जिनकी जिम्मेदारी गैंग ने ली।
यह घोषणा 2023 में सिख अलगाववादी हारदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े विवाद के बाद आई है। कनाडा ने आरोप लगाया था कि भारतीय एजेंसियों ने बिश्नोई गैंग को निज्जर की हत्या के लिए इस्तेमाल किया। भारत ने इन आरोपों को ‘असंभव’ बताते हुए खारिज किया, लेकिन अब यह कदम भारत-कनाडा संबंधों को सुधारने की दिशा में देखा जा रहा है।
आतंकी टैग के बाद क्या होगा?
क्रिमिनल कोड के तहत यह लिस्टिंग (कुल 88वीं एंटिटी) कनाडा को मजबूत हथियार देती है:
– संपत्ति जब्ती: गैंग से जुड़े किसी भी एसेट (कैश, प्रॉपर्टी, वाहन) को फ्रीज या सीज किया जा सकता है।
– वित्तीय प्रतिबंध: कनाडाई नागरिकों या विदेश में रहने वालों के लिए गैंग को फंडिंग या प्रॉपर्टी देना अपराध।
– इमिग्रेशन कंट्रोल: बॉर्डर पर संदिग्ध सदस्यों को एंट्री से रोकना आसान।
– कानूनी कार्रवाई: फाइनेंसिंग, ट्रैवल और रिक्रूटमेंट जैसे टेररिज्म ऑफेंस पर मुकदमा।
यह फैसला कनाडा के विपक्षी लीडर पियरे पॉइलिव्रे, BC प्रीमियर डेविड एबी और अल्बर्टा प्रीमियर डेनियल स्मिथ जैसे नेताओं की मांग पर आधारित है, जिन्होंने जून 2025 से ‘टेररिस्ट’ टैग की अपील की थी।ब्रैम्पटन मेयर पैट्रिक ब्राउन ने भी इसे समर्थन दिया।
भारत-कनाडा संबंधों पर असर
यह कदम जस्टिन ट्रूडो की विदाई के बाद नए PM मार्क कार्नी के कार्यकाल में भारत-कनाडा संबंधों को रीसेट करने का हिस्सा माना जा रहा है। भारत में CBI और NIA पहले से बिश्नोई गैंग पर नजर रख रही है, जो हत्या, ड्रग्स और हथियार तस्करी में लिप्त है। गैंग के 700 सदस्यों का नेटवर्क पंजाब-हरियाणा से उत्तर अमेरिका तक फैला है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह लिस्टिंग कनाडा में भारतीय आपराधिक नेटवर्क्स को कुचलने में मदद करेगी, लेकिन सिख-हिंदू तनाव को भी प्रभावित कर सकती है। क्या भारत भी इसी तरह का कदम उठाएगा? आने वाले दिनों में साफ होगा।
