राष्ट्रीय

बिहार चुनाव 2025: ECI का मास्टर प्लान, 320 IAS-60 IPS समेत 470 अफसरों की तैनाती

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और सात राज्यों के विधानसभा उपचुनावों के लिए निगरानी की कमान संभालने के लिए 470 केंद्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती का ऐलान किया है। इनमें 320 आईएएस, 60 आईपीएस और 90 अन्य सेवाओं (जैसे आईआरएस, आईआरएएस, आईसीएएस) के अधिकारी शामिल हैं। यह कदम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने, वोटर जागरूकता बढ़ाने और स्तर के मैदान को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। आयोग ने रविवार को जारी बयान में कहा कि ये पर्यवेक्षक संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 20बी के तहत नियुक्त किए गए हैं।

बिहार विधानसभा के 243 सदस्यों का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव नवंबर में ही होने की संभावना है। ECI ने इन पर्यवेक्षकों के लिए 3 अक्टूबर को दिल्ली में ब्रिफिंग का आयोजन किया है, ताकि वे चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए पूरी तरह तैयार हों। आयोग 4 अक्टूबर को बिहार का दौरा कर मतदान की तैयारियों की समीक्षा करेगा। केंद्रीय पर्यवेक्षक जनरल, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक के रूप में काम करेंगे, जो मतदान केंद्रों, सुरक्षा व्यवस्था और खर्च की निगरानी करेंगे।

उपचुनावों के लिए भी तैनाती

यह तैनाती केवल बिहार तक सीमित नहीं है। ECI ने जम्मू-कश्मीर (बुडगाम और नागरोटा), राजस्थान (अंटा), झारखंड (घाटशिला), तेलंगाना (जुबली हिल्स), पंजाब (तरन तारन), मिजोरम (दम्पा) और ओडिशा (नुआपाड़ा) के सात विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों के लिए भी इन पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। इन क्षेत्रों में खाली हुई सीटों पर उपचुनाव कराने के लिए पर्यवेक्षक मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करेंगे। आयोग का यह प्लान चुनावी हिंसा, नकलबाजी और अनुचित प्रभाव को रोकने पर केंद्रित है, खासकर बिहार जैसे संवेदनशील राज्य में जहां जातिगत समीकरण और राजनीतिक तनाव हमेशा चर्चा में रहते हैं।

ECI का विशेष प्लान: पारदर्शिता और जागरूकता पर जोर

ECI के विशेष आयुक्त सुधीर कुमार ने कहा, “ये पर्यवेक्षक विभिन्न राज्यों से चुने गए हैं, ताकि कोई पक्षपात न हो। वे मतदान से लेकर गणना तक हर चरण की निगरानी करेंगे।” आयोग ने वोटरों को जागरूक करने के लिए डिजिटल अभियान भी तेज किया है, जिसमें cVIGIL ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा शामिल है। बिहार में पिछले चुनावों में 7 करोड़ से अधिक वोटरों ने हिस्सा लिया था, और इस बार 100% मतदान का लक्ष्य है।

राजनीतिक दलों ने इस तैनाती का स्वागत किया है। RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “निष्पक्ष चुनाव हमारी मांग रही है।” वहीं, BJP के प्रवक्ता ने इसे “लोकतंत्र की मजबूती” बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में पर्यवेक्षक तैनात करना ECI की सख्ती का संकेत है, जो 2024 के लोकसभा चुनावों की सफलता का विस्तार है। क्या यह प्लान बिहार चुनाव को विवादमुक्त बनाएगा? आगामी दिनों में साफ होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *