दिल्ली के ‘डर्टी बाबा’ चैतन्यानंद पर हो रहे बड़े-बड़े खुलासे, आश्रम में छिपा था काला कारोबार
दिल्ली के ‘डर्टी बाबा’ चैतन्यानंद पर हो रहे बड़े-बड़े खुलासे, आश्रम में छिपा था काला कारोबार
दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च में छात्राओं के यौन शोषण का मामला अब चौंकाने वाले खुलासों का केंद्र बन गया है। स्वयंभू बाबा स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी पर 17 से अधिक छात्राओं ने छेड़छाड़, अश्लील मैसेज भेजने और शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने शनिवार रात यूपी के आगरा के ताजगंज इलाके के एक सस्ते होटल से बाबा को गिरफ्तार कर लिया, जहां वह फरार था। पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, लेकिन पूछताछ में वह सहयोग नहीं कर रहा। पुलिस को उसके पास से फर्जी विजिटिंग कार्ड, 3 मोबाइल, आईपैड और 8 करोड़ रुपये के बैंक खाते-एफडी मिले हैं, जो उसके फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर रहे हैं।
चैतन्यानंद, जो ओडिशा का रहने वाला 62 वर्षीय ‘धर्मगुरु’ है, शिकागो यूनिवर्सिटी से एमबीए-पीएचडी का दावा करता था। वह आश्रम को ‘क्वांटम चेतना’ का केंद्र बताता था, लेकिन अंदर का काला खेल अब सामने आ रहा है। एक पूर्व छात्रा ने एनडीटीवी को बताया, “बाबा ने मुझे आश्रम में किडनैप कर लिया था। रात में बुलाता था, लेकिन मैं नहीं गई तो एग्जाम में बैठने नहीं दिया।” 2016 बैच की एक अन्य पीड़िता ने आपबीती सुनाई, “वह मुझे ‘बेबी’ बुलाता और ‘आई लव यू’ जैसे डर्टी मैसेज भेजता। ऑफिस में अकेले बुलाकर छेड़छानी करता।” पुलिस ने 50 से अधिक छात्राओं के मोबाइल जांचे, जिनमें बाथरूम सीसीटीवी, होली पर ‘गंदा खेल’ और दुबई ले जाने के लालच जैसे खुलासे मिले। ज्यादातर पीड़िताएं गरीब या फौजी परिवारों से हैं, जो आर्थिक मजबूरी में चुप रहीं।
पुलिस जांच में और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बाबा खुद लड़कियों को कॉल करता, BMW जैसी लग्जरी कारों में घूमता और ‘स्वीट गर्ल’ कहकर लुभाता। उसके ‘लेडी कमांडर’—तीन महिला वॉर्डन—पीड़िताओं पर दबाव डालकर बाबा के पास भेजती थीं। पुलिस अब इन तीनों से पूछताछ कर रही है और इन्हें सह-आरोपी बना सकती है। फरारी के दौरान बाबा ने 13-15 सस्ते होटलों (बिना सीसीटीवी वाले) बदले, साधुओं के बीच छिपा और लोकेशन चेंज करता रहा। आगरा में गिरफ्तारी से पहले वह PMO के नाम पर धमकी भरे कॉल करवाता था। उसके फर्जी कार्ड्स में खुद को UN स्थायी राजदूत, BRICS आयोग सदस्य और भारत का विशेष दूत बताया गया। दिल्ली-UP-हरियाणा-राजस्थान-उत्तराखंड में छापेमारी से उसके नेटवर्क का पता चला।
एक ईमेल ने खोला पर्दा: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और एक पूर्व छात्र के ईमेल से मामला फूटा। पुलिस ने 18 बैंक खाते और 28 एफडी फ्रीज कर दिए, जो बताते हैं कि बाबा ने संस्थान की करोड़ों की जमीन ट्रस्ट बनाकर हड़पी और किराए से काला कारोबार चलाया। 2016 की पुरानी FIR में भी बाथरूम CCTV और भावनात्मक ब्लैकमेल के आरोप थे। अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी। गिरफ्तारी के बाद बाबा घबरा रहा है—हिरासत में फल-फूल मांग रहा, लेकिन सवालों का जवाब टाल रहा। पुलिस का कहना है, “वह सहयोग नहीं कर रहा, लेकिन सबूतों से उसका नेटवर्क उजागर होगा।”
यह मामला आश्रमों में महिलाओं की सुरक्षा और फर्जी बाबाओं के खिलाफ सख्ती की बहस छेड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जल्द न्याय जरूरी। क्या बाबा का पूरा साम्राज्य ढह जाएगा? पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।
