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भारत का स्वदेशी मैसेजिंग ऐप Arattai बना नंबर 1, WhatsApp को दे रहा टक्कर

भारत का स्वदेशी मैसेजिंग ऐप ‘Arattai’ ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए ऐप स्टोर पर नंबर-1 की कुर्सी हासिल कर ली है। चेन्नई की Zoho Corporation द्वारा विकसित यह ऐप WhatsApp, Telegram और Signal जैसे दिग्गजों को पछाड़कर सोशल नेटवर्किंग कैटेगरी में टॉप पर पहुंच गया। तमिल शब्द ‘Arattai’ का अर्थ ‘साधारण बातचीत’ है, और यह ऐप रोजमर्रा की चैटिंग के लिए डिजाइन किया गया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह वाकई WhatsApp की 500 मिलियन से ज्यादा भारतीय यूजर्स को टक्कर दे पाएगा? विशेषज्ञों का मानना है कि प्राइवेसी और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के साथ यह संभव है।

Arattai की यह सफलता रातोंरात नहीं हुई। हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर ऐप को प्रमोट किया, कहा कि ‘पीएम नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अपील के तहत Arattai जैसे भारतीय ऐप्स को अपनाएं।’ IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इसे स्विच करने का समर्थन किया। इससे डेली साइन-अप्स 3,000 से बढ़कर 3 दिनों में 3.5 लाख हो गए। टेक एंटरप्रेन्योर विवेक वाधवा ने इसे ‘इंडिया का WhatsApp किलर’ कहा, और कहा कि इसका लुक, फील और यूजेबिलिटी WhatsApp जैसा है। Zoho के फाउंडर श्रीधर वेंबु ने पुष्टि की कि ऐप लो-एंड फोन्स पर भी स्मूथ चलेगा, जो भारत के करोड़ों यूजर्स के लिए राहत है।

Arattai के फीचर्स WhatsApp से मिलते-जुलते हैं: टेक्स्ट मैसेजिंग, इमेज-वीडियो शेयरिंग, वॉयस-वीडियो कॉल्स, स्टोरीज, डॉक्यूमेंट्स शेयरिंग और बिजनेस के लिए ब्रॉडकास्ट चैनल्स। खास बात यह है कि Zoho यूजर डेटा को एडवरटाइजिंग के लिए इस्तेमाल नहीं करता, जो डिजिटल सॉवरेन्टी और प्राइवेसी चिंताओं वाले यूजर्स के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है। कॉल्स में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन है, लेकिन चैट्स में यह फीचर अभी बाकी है—Zoho का कहना है कि जल्द लॉन्च होगा। कंपनी ने सर्वर एक्सपैंड करने की बात कही है, क्योंकि अचानक लोड बढ़ने से OTP डिले और साइन-अप लैग जैसी दिक्कतें आईं।

हालांकि, WhatsApp की जड़ें गहरी हैं—यह भारत में चैट, कॉल और बिजनेस ट्रांजेक्शंस का डिफॉल्ट है। Arattai पहला नहीं जो चुनौती दे रहा; Hike, WeChat जैसे ऐप्स पहले असफल हो चुके। लेकिन सरकार का समर्थन और ‘मेक इन इंडिया’ कैंपेन Arattai को बूस्ट दे रहा है। Zoho के 130 मिलियन ग्लोबल यूजर्स और 55 बिजनेस ऐप्स का बैकग्राउंड इसे मजबूत बनाता है। अगर एन्क्रिप्शन और स्टेबिलिटी सुधर गई, तो यह निश्चित रूप से WhatsApp को टक्कर दे सकता है। फिलहाल, डाउनलोड्स बढ़ रहे हैं, लेकिन डेली एक्टिव यूजर्स बनाना चुनौती है।

क्या आप Arattai ट्राई करेंगे? स्वदेशी ऐप्स को बढ़ावा देने का यह सही समय है।

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