विपक्ष ने ‘जाति के जहर और कहर’ से बिहार को बर्बाद किया: डिप्टी CM विजय सिन्हा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां तेज हो रही हैं और राजनीतिक बयानबाजी का दौर जोर पकड़ चुका है। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ‘जिन्होंने जाति के जहर से, लहर से, कहर से बिहार को बर्बाद किया, जनता उन्हें मौका नहीं देगी।’ इंडिया टुडे के ‘SoS: बिहार फर्स्ट’ कार्यक्रम में बोलते हुए सिन्हा ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा, खासकर आरजेडी और महागठबंधन पर। उन्होंने कहा कि एक समय बिहार की पहचान अपराध और गालियों से हो गई थी, लेकिन अब नीतीश कुमार की अगुवाई में राज्य सम्मान और स्वाभिमान की राजनीति कर रहा है।
सिन्हा का यह बयान आगामी चुनावों के संदर्भ में आया, जहां विपक्षी दलों पर जातिवाद फैलाने और विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “नहीं, अब बिहारी सम्मान और स्वाभिमान की राजनीति करेगा। जिसने जाति के जहर से, लहर से, कहर से बिहार को बर्बाद किया है, जनता उसे मौका नहीं देगी।” यह बयान लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पर केंद्रित माना जा रहा है, जिन्हें सिन्हा ने अपराध, भ्रष्टाचार और जातिवाद का प्रतीक बताया।
यह पहली बार नहीं है जब सिन्हा ने विपक्ष पर ऐसा हमला बोला। मार्च 2025 में लालू को भारत रत्न देने की मांग पर उन्होंने कहा था कि ‘जब तक बिहार इस मानसिकता से बाहर नहीं निकलता, जो अपराधी-भ्रष्टाचारी रहा है, जाति के जहर की लहर के कहर से बिहार में नरसंहार, हत्या, लूट, रेप और खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।’ इसी तरह, सितंबर 2024 में तेजस्वी की ‘आभार यात्रा’ पर तंज कसते हुए उन्होंने जातिवाद को बिहार के नुकसान का कारण ठहराया। दिसंबर 2024 में पेपर लीक विवाद पर भी सिन्हा ने तेजस्वी पर पलटवार किया, कहते हुए कि वे ‘बिहार की प्रतिभा को कुचलना चाहते हैं’ और जाति के जहर की लहर लाना चाहते हैं।
एनडीए सरकार के पक्ष में बोलते हुए सिन्हा ने विकास, रोजगार और सुरक्षा नीतियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार अब अपराधमुक्त और प्रगतिशील राज्य बन रहा है, जहां युवाओं को अवसर मिल रहे हैं। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने इसका जवाब देते हुए सिन्हा को ‘किस्मत का धनी’ बताया और कहा कि वे डिप्टी सीएम बनने लायक नहीं हैं। लेकिन सिन्हा ने पलटकर कहा, “हम उनकी तरह रानी के पेट से राजकुमार की तरह जन्म नहीं लिए हैं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि सिन्हा का यह आक्रामक रुख एनडीए की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जो जातिवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश दे रहा है। आगामी चुनावों में लखीसराय सीट पर सिन्हा के खिलाफ विपक्ष विनीता विजय को उतारने की तैयारी में है, जो भूमिहार समुदाय से हैं। क्या यह बयानबाजी बिहार की सियासत को नई दिशा देगी? आने वाले दिन बताएंगे।
