राजनीति

आजादी के बाद पहली बार बिहार में कांग्रेस की CWC बैठक: बेरोजगारी-वोट चोरी पर NDA को घेरेगी पार्टी

आजादी के बाद पहली बार बिहार में कांग्रेस की CWC बैठक: बेरोजगारी-वोट चोरी पर NDA को घेरेगी पार्टी

स्वतंत्रता के बाद पहली बार बिहार की धरती पर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक होने जा रही है। बुधवार, 24 सितंबर को पटना के ऐतिहासिक सदाकत आश्रम—कांग्रेस के राज्य मुख्यालय—में आयोजित होने वाली इस सभा को पार्टी ने ‘दूसरी आजादी की लड़ाई’ का प्रतीक बताया है। यह बैठक बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जहां कांग्रेस बेरोजगारी, वोट चोरी, महंगाई और महिलाओं पर अत्याचार जैसे मुद्दों पर एनडीए सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य शीर्ष नेता इस बैठक में हिस्सा लेंगे।

ऐतिहासिक महत्व और उद्देश्य: सदाकत आश्रम स्वतंत्रता संग्राम का गवाह रहा है, जहां महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और राजेंद्र प्रसाद जैसे दिग्गजों ने रणनीतियां बनाई थीं। बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने कहा, “यह बैठक न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है। हम बिहार में बेरोजगारी, पलायन और अपराध के खिलाफ ‘दूसरी आजादी’ की लड़ाई शुरू करेंगे।” बिहार में युवा बेरोजगारी दर 13.8% (CMIE, मई 2025) तक पहुंच चुकी है, और पलायन एक बड़ा मुद्दा है। राहुल गांधी ने हाल ही में वोट चोरी के खिलाफ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शुरू की थी, जिसे इस बैठक में और बल मिलेगा।

बैठक की तैयारियां और एजेंडा: सदाकत आश्रम में तैयारियां जोरों पर हैं। जर्मन हैंगर जैसी संरचना बनाई गई है, और 175 होटल रूम बुक किए गए हैं। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार, तेलंगाना और अन्य राज्यों के नेता भी पहुंच रहे हैं। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने बताया, “यह बैठक INDIA गठबंधन को मजबूत करेगी। हम बेरोजगारी, वोट चोरी और नीतीश सरकार की नाकामियों पर रणनीति बनाएंगे।” कांग्रेस का दावा है कि यह बैठक बिहार में उनकी सीटें बढ़ाएगी और 2027 के लोकसभा चुनावों में राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डालेगी।

विपक्ष का पलटवार और संदर्भ: बीजेपी ने इस बैठक को ‘राजनीतिक नाटक’ करार दिया। प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा, “कांग्रेस इतिहास की दुहाई दे रही है, लेकिन बिहार में विकास नीतीश-मोदी के नेतृत्व में हुआ है।” RJD ने समर्थन जताया, लेकिन गठबंधन में सीट-बंटवारे पर स्पष्टता मांगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बैठक कांग्रेस को बिहार में पुनर्जनन दे सकती है, जहां वह 2010 के बाद कमजोर हुई है। राहुल गांधी के हालिया बयानों—जैसे वोट चोरी और EVM पर सवाल—को इस बैठक में रणनीतिक रूप दिया जाएगा।

क्या होगा प्रभाव?: यह बैठक बिहार में कांग्रेस के लिए टर्निंग पॉइंट हो सकती है। नवरात्रि के बीच सदाकत आश्रम में सियासी माहौल गर्म है। क्या यह बैठक कांग्रेस को बिहार में नई ताकत देगी, या यह सिर्फ प्रतीकात्मक रहेगी? जवाब कल के संकल्प में छिपा है।

 

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