राजनीति

मनीष तिवारी की ‘Nepo Kids’ वाली पोस्ट पर राजनीति तेज, बीजेपी ने राहुल गांधी से जोड़ा: ‘G-23 का विद्रोह’, तिवारी का पलटवार

मनीष तिवारी की ‘Nepo Kids’ वाली पोस्ट पर राजनीति तेज, बीजेपी ने राहुल गांधी से जोड़ा: ‘G-23 का विद्रोह’, तिवारी का पलटवार

दक्षिण एशिया में युवा विद्रोहों पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक हंगामा मचा दिया है। तिवारी ने श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और फिलीपींस में ‘डायनेस्टी’ के खिलाफ जन आंदोलनों का जिक्र करते हुए #NepoKids और #TrillionPesoMarch का हवाला दिया, जिसे बीजेपी ने राहुल गांधी पर निशाना साधने का हथियार बना लिया। पार्टी ने तिवारी को G-23 के ‘विद्रोही’ बताते हुए गांधी को ‘इंडियन पॉलिटिक्स का अल्टिमेट नेपो किड’ करार दिया, जिससे कांग्रेस में आंतरिक कलह की बहस छिड़ गई।

तिवारी ने एक्स पर लिखा, “श्रीलंका में गोताबाया राजपक्षे (जुलाई 2023), बांग्लादेश में शेख हसीना (जुलाई 2024), नेपाल में केपी शर्मा ओली (सितंबर 2025) और फिलीपींस में फर्डिनैंड मार्कोस जूनियर के खिलाफ विरोध—इन सब पर एक शब्द लिखा है: ENTITLEMENT अब Gen X, Y, Z के लिए स्वीकार्य नहीं।” उन्होंने अपनी आने वाली रचना का प्रचार करते हुए कहा कि सोशल मीडिया ने ‘डायनेस्टी’ को चुनौती दी है। नेपाल में #NepoKids ट्रेंड ने राजनीतिक परिवारों के बच्चों की लग्जरी लाइफस्टाइल—महंगे कारें, डिजाइनर बैग्स और विदेशी छुट्टियां—को गरीबी से जोड़कर युवाओं का गुस्सा भड़काया, जिससे हिंसक प्रदर्शन हुए।

बीजेपी आईटी हेड अमित मालवीय ने तुरंत पलटवार किया: “G-23 के विद्रोही मनीष तिवारी राहुल गांधी पर निशाना साध रहे हैं—इंडियन पॉलिटिक्स का अल्टिमेट ‘नेपो किड’। Gen Z को भूल जाओ, कांग्रेस के दिग्गज भी उनकी रिग्रेसिव पॉलिटिक्स से तंग आ चुके हैं। अब विद्रोह अंदर से शुरू हो गया!” बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, “देश ने 2014 में नेपो किड को ही बाहर कर दिया।” पार्टी ने इसे कांग्रेस की ‘परिवारवाद’ की कमजोरी बताते हुए राहुल के हालिया ‘Gen Z’ वाले बयान से जोड़ा, जहां उन्होंने नेपाल के आंदोलन का जिक्र कर युवाओं को संविधान की रक्षा के लिए प्रेरित किया था।

तिवारी ने इनकार करते हुए बीजेपी को लताड़ा: “कुछ लोग तो बड़े हो जाएं। सब कुछ कांग्रेस-बीजेपी के ‘सी-शे-से’ या किसी एक्स-वाई पर उतारने की जरूरत नहीं। दक्षिण एशिया में हो रहा बदलाव राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर है, इसे सही नजरिए से समझें।” उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका बयान क्षेत्रीय अस्थिरता पर था, न कि आंतरिक राजनीति पर। G-23 के सदस्य तिवारी का यह बयान पार्टी में टेंशन बढ़ा रहा है, खासकर बिहार चुनावों से पहले।

विपक्षी नेता ने इसे ‘ट्रोलिंग’ बताया, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि #NepoKids जैसे ट्रेंड्स भारत में भी राजनीतिक डायनेस्टी पर बहस छेड़ सकते हैं। नवरात्रि के बीच यह विवाद राजनीति को और गर्म कर रहा है—क्या यह कांग्रेस के लिए आंतरिक संकट का संकेत है?

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