राजनीति

ओमप्रकाश राजभर की तबीयत बिगड़ी, बेहोश होने के बाद लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती, पीएम मोदी ने फोन पर जाना हाल

ओमप्रकाश राजभर की तबीयत बिगड़ी, बेहोश होने के बाद लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती, पीएम मोदी ने फोन पर जाना हाल

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की तबीयत अचानक बिगड़ने से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। रविवार देर रात आजमगढ़ में एक जनसभा की तैयारी के दौरान उन्हें सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ हुई। अचानक चक्कर आने से वे बेहोश हो गए, जिसके बाद तुरंत लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया है, और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

राजभर के बेटे अरविंद राजभर ने बताया, “पापा बनारस में व्यस्त थे। फोन पर बातचीत के दौरान ही उन्हें असहजता हुई। हमने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और लखनऊ ले आए।” अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, उन्हें हृदय संबंधी समस्या और ब्लड प्रेशर की दिक्कत थी। आवश्यक टेस्ट चल रहे हैं, और डॉक्टरों ने कुछ दिनों तक निगरानी में रखने का फैसला किया है। राजभर के परिवार और समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। सुभासपा के कई नेता और कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने कुशलक्षेम पूछी।

इस घटना ने राजनीतिक गलियारों को हिला दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह फोन पर राजभर के स्वास्थ्य की जानकारी ली और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी फोन करके हालचाल जाना। योगी ने राजभर के बेटे से बात की और हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। भाजपा के कई अन्य नेता, जैसे प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, भी अस्पताल पहुंचे। सुभासपा कार्यकर्ताओं ने मेदांता के बाहर प्रार्थना सभा की, जहां भगवान राम का भजन गाकर राजभर के स्वस्थ होने की कामना की गई।

ओमप्रकाश राजभर यूपी की योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री हैं और सुभासपा भाजपा गठबंधन का अहम हिस्सा हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने का कारण पिछले कुछ दिनों का व्यस्त कार्यक्रम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे लगातार सभाओं और बैठकों में व्यस्त थे, जिससे थकान बढ़ गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजभर की अनुपस्थिति से गठबंधन की रणनीति पर असर पड़ सकता है, खासकर आगामी उपचुनावों को देखते हुए।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि राजभर की स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन परिवार ने विजिटर्स पर पाबंदी लगा दी है। सुभासपा ने सभी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और प्रार्थना करने की अपील की है। पूरे यूपी में राजभर के समर्थक उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए दुआ कर रहे हैं। मेदांता अस्पताल जल्द आधिकारिक बुलेटिन जारी करने वाला है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि राजनीति की भागदौड़ में स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें।

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