राजनीति

BJP विधायक पर भड़के शरद पवार, सीधे CM फडणवीस से की शिकायत: जयंत पाटील के माता-पिता पर टिप्पणी से भड़का विवाद

BJP विधायक पर भड़के शरद पवार, सीधे CM फडणवीस से की शिकायत: जयंत पाटील के माता-पिता पर टिप्पणी से भड़का विवाद

मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने भाजपा विधायक गोपीचंद पडालकर की कथित अपमानजनक टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। पडालकर ने वरिष्ठ एनसीपी नेता जयंत पाटील और उनके माता-पिता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिसके बाद पवार ने सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर शिकायत की। यह घटना विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महायुति और महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच तनाव को और बढ़ा रही है।

घटना गुरुवार (19 सितंबर 2025) को कोल्हापुर में हुई, जहां पवार जनसंपर्क अभियान पर थे। एक सार्वजनिक सभा में भाजपा विधायक गोपीचंद पडालकर ने जयंत पाटील के पिता, दिवंगत कांग्रेस नेता राजाराम पाटील का जिक्र करते हुए उनकी पैतृक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए। पडालकर ने कहा कि पाटील परिवार की राजनीतिक विरासत पर सवाल उठाना जरूरी है, जो विपक्ष ने इसे “अपमानजनक और जातिगत हमला” करार दिया। एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता ने इसे “सत्ता की अहंकारी भाषा” बताया और कहा कि पडालकर “बार-बार अपराध करने वाला” है।

शरद पावर ने तुरंत फडणवीस से फोन पर बात की और कहा, “ऐसी टिप्पणियां महाराष्ट्र की प्रगतिशील संस्कृति के खिलाफ हैं। महाराष्ट्र हमेशा से आगे बढ़ने वाली सोच का समर्थक रहा है। ऐसी भाषा अस्वीकार्य है।” पवार ने फडणवीस से इस मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने पवार को आश्वासन दिया कि वे ऐसी टिप्पणियों का समर्थन नहीं करते। फडणवीस ने पडालकर को फोन कर फटकार लगाई और कहा, “किसी के परिवार या पिता का नाम राजनीतिक बहस में घसीटना उचित नहीं है। आगे ऐसी गलती न दोहराएं।” पडालकर ने अपनी भाषा को नरम किया लेकिन माफी नहीं मांगी। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं, मैं उनका पालन करूंगा। विपक्ष भी डबल स्टैंडर्ड अपनाता है।”

यह विवाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की पूर्व संध्या पर आया है, जहां महायुति (भाजपा, शिवसेना, एनसीपी) और एमवीए (कांग्रेस, शिवसेना-यूबीटी, एनसीपी-एसपी) के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो चुके हैं। पडालकर, जो पवार परिवार के कट्टर आलोचक रहे हैं, पहले भी अजित पवार पर हमला बोल चुके हैं। एनसीपी (एसपी) नेता जीतेंद्र आव्हाड ने कहा, “पार्टी कार्यकर्ता बिना नेतृत्व के समर्थन के ऐसी भाषा नहीं इस्तेमाल करते। शरद पवार साहब ने तुरंत हस्तक्षेप किया, लेकिन फडणवीस का जवाब दिखावा मात्र लगता है।” विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सत्ता के नशे में विभाजनकारी राजनीति कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना चुनावी माहौल को और गरमा देगी। जयंत पाटील, जो पूर्व वित्त मंत्री रह चुके हैं, ने कहा, “ऐसी टिप्पणियां हमारी विरासत को अपमानित करने का प्रयास हैं, लेकिन हम प्रगतिशील महाराष्ट्र की लड़ाई लड़ते रहेंगे।” फडणवीस ने अपनी पार्टी नेताओं को ऐसी भाषा न इस्तेमाल करने की सलाह दी, लेकिन एनसीपी (एसपी) इसे “टोकनिज्म” बता रही है।

यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में निजी हमलों की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है। शरद पवार, जो 80 वर्ष के हो चुके हैं, अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में एमवीए की एकजुटता पर इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें भाजपा की आंतरिक प्रतिक्रिया पर हैं।

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