सैम पित्रोदा ने ‘पाकिस्तान घर जैसा लगा’ वाले बयान पर दी सफाई, कहा- साझा इतिहास पर जोर देना था
सैम पित्रोदा ने ‘पाकिस्तान घर जैसा लगा’ वाले बयान पर दी सफाई, कहा- साझा इतिहास पर जोर देना था
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भारतीय ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने ‘पाकिस्तान घर जैसा लगा’ वाले अपने विवादित बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि उनका इरादा साझा इतिहास और लोगों के बीच बंधनों पर जोर देना था, न कि संघर्ष या आतंकवाद की चुनौतियों को नजरअंदाज करना। एक इंटरव्यू में पित्रोदा ने कहा था कि उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल का दौरा किया, जहां उन्हें घर जैसा लगा, क्योंकि वहां के लोग उनके जैसे दिखते-सुनते और खाते-पीते हैं। इस बयान पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला, लेकिन पित्रोदा ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा बयान जारी कर विवाद शांत करने की कोशिश की।
पित्रोदा ने अपने बयान में लिखा, “जब मैंने पड़ोसी देशों में ‘घर जैसा’ महसूस करने की बात कही, तो मेरा मतलब साझा इतिहास और लोगों के बीच मजबूत बंधनों को रेखांकित करना था। यह दर्द, संघर्ष या आतंकवाद और भू-राजनीतिक तनावों जैसी गंभीर चुनौतियों को नजरअंदाज करने का प्रयास नहीं था।” उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति का पहला फोकस पड़ोस पर होना चाहिए, जहां शांति और सद्भाव से रहना जरूरी है। पित्रोदा ने जोड़ा, “यदि मेरे शब्दों से कोई भ्रम या चोट पहुंची है, तो मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरा उद्देश्य किसी की पीड़ा को कमतर आंकना या वैध चिंताओं को कमजोर करना नहीं था, बल्कि ईमानदार बातचीत, सहानुभूति और जिम्मेदार दृष्टिकोण को बढ़ावा देना था।”
यह बयान गुरुवार को IANS को दिए इंटरव्यू के बाद आया, जहां पित्रोदा ने कहा था, “मैं पाकिस्तान गया हूं, और मैं आपको बताना चाहता हूं कि मुझे घर जैसा लगा। बांग्लादेश और नेपाल में भी ऐसा ही लगा। वे मेरे जैसे दिखते हैं, मेरी तरह बोलते हैं, मेरे गाने पसंद करते हैं और मेरा खाना खाते हैं। इसलिए, हमें उनके साथ शांति से रहना सीखना चाहिए।” उन्होंने आतंकवाद की समस्या को स्वीकार करते हुए भी साझा जीन पूल का जिक्र किया। इस पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा, जो 1984 सिख दंगों पर ‘हुआ तो हुआ’ कह चुके हैं, अब पाकिस्तान को घर कह रहे हैं। कांग्रेस का पाकिस्तान से अटूट प्रेम साबित हो गया।” बीजेपी ने कांग्रेस को ‘इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस’ तक करार दिया और यासीन मलिक के हाफिज सईद से मिलने के दावे का हवाला दिया।
पित्रोदा, जो राहुल गांधी के करीबी सलाहकार हैं, अक्सर विवादों में घिरते रहे हैं। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने उत्तराधिकार कर और भारतीयों की शारीरिक विशेषताओं पर विवादित टिप्पणियां कीं, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। फरवरी 2025 में चीन को ‘शत्रु’ न मानने वाले बयान पर भी कांग्रेस को सफाई देनी पड़ी। विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार चुनाव से पहले यह बयान कांग्रेस के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है। कांग्रेस ने अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि पित्रोदा के बयान व्यक्तिगत हैं।
