दिल्ली की रामलीला में एक्ट्रेस पूनम पांडेय बनेंगी मंदोदरी, हिंदू संगठन हुए नाराज
दिल्ली के लाल किला मैदान में होने वाली प्रसिद्ध लव कुश रामलीला 2025 में इस बार बॉलीवुड की विवादास्पद अभिनेत्री पूनम पांडेय मंदोदरी का किरदार निभाएंगी। यह ऐलान रामलीला कमिटी ने 17 सितंबर को किया, लेकिन इससे हिंदू संगठनों में खलबली मच गई है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि पूनम की छवि रामलीला की पवित्रता के विपरीत है। VHP ने कमिटी को पत्र लिखकर पूनम को हटाने की मांग की है, अन्यथा विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। रामलीला का आयोजन 1 से 12 अक्टूबर तक होगा, जहां लाखों दर्शक जुटते हैं।
लव कुश रामलीला कमिटी के सदस्यों ने बताया कि पूनम को मंदोदरी के लिए चुना गया क्योंकि वे इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने को उत्साहित हैं। पूनम ने एक पत्र में लिखा, “यह मेरे लिए गर्व का क्षण है कि मैं रामायण के इस महान चरित्र को जीवंत कर सकूंगी। मंदोदरी की भूमिका महिलाओं की शक्ति और भक्ति को दर्शाती है।” वहीं, आर्य बब्बर को रावण का किरदार सौंपा गया है। कमिटी के अनुसार, यह कास्टिंग रामलीला को आधुनिक टच देने के लिए की गई है। लेकिन VHP के प्रांत मंत्री कपिल गौड़ ने कहा, “रामलीला धार्मिक आयोजन है, जहां पात्रों का चयन पवित्रता को ध्यान में रखकर होना चाहिए। पूनम पांडेय की अतीत की छवि—जैसे न्यूड प्रॉमिस और विवादास्पद ऐप—से लोगों की भावनाएं आहत होंगी। हम कमिटी से तुरंत फैसला बदलने की अपील करते हैं।”
पूनम पांडेय का बॉलीवुड में विवादों से गहरा नाता रहा है। 2011 वर्ल्ड कप जीत पर न्यूड होने का वादा, 2017 में लॉन्च हुए एडल्ट कंटेंट ऐप, और 2024 में कैंसर जागरूकता के नाम पर ‘फेक डेथ’ ड्रामा ने उन्हें सुर्खियों में रखा। हाल ही में महाकुंभ में डुबकी लगाकर उन्होंने ‘रिडेम्प्शन’ की कोशिश की, लेकिन आलोचक इसे पब्लिसिटी स्टंट मानते हैं।
रामलीला कमिटी ने अभी तक विरोध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। VHP ने 20 सितंबर को मीटिंग बुलाई है, जहां आगे की रणनीति तय होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद रामलीला की लोकप्रियता बढ़ा सकता है, लेकिन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का खतरा भी है। आयोजन में राम, सीता और अन्य किरदारों के लिए भी सेलिब्रिटी कास्टिंग की खबरें हैं।
