उत्तराखंड

चार धाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा फिर हुई शुरू, DGCA ने दी मंजूरी

चार धाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा फिर हुई शुरू, DGCA ने दी मंजूरी

देहरादून: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को लेकर भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई है। विमानन नियामक DGCA ने 2025 की चार धाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर संचालन को पुनः शुरू करने की मंजूरी दे दी है। मानसून ब्रेक के बाद यह सेवा 15-16 सितंबर से चालू हो चुकी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के निर्देश पर 13 से 16 सितंबर तक सभी हेलीपैड, हेलीकॉप्टरों, ऑपरेटरों की तैयारी और सहायक सुविधाओं का व्यापक निरीक्षण किया गया। इसके बाद उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) और हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों को मंजूरी प्रदान की गई।

यह मंजूरी मई-जून 2025 में हुए हेलीकॉप्टर हादसों के बाद आई है, जिनमें केदारनाथ क्रैश में 7 लोगों की मौत हुई थी। इन घटनाओं के बाद उच्च स्तरीय समितियों ने सिफारिशें दीं, जिनमें पायलट प्रशिक्षण, एयर वर्थिनेस निरीक्षण, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की तैनाती, मौसम विशेषज्ञों की उपस्थिति और कंट्रोल रूम में योग्य कर्मियों की व्यवस्था शामिल है। DGCA ने सभी ऑपरेटरों और पायलटों को चुनौतियों और अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर ब्रिफिंग भी की। अब यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही निरंतर निगरानी रखी जाएगी।

चार धाम यात्रा—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—की हेलीकॉप्टर सेवाएं दो प्रकार की हैं। पहली, देहरादून (शास्त्रधारा) से चारों धामों तक चार्टर सर्विसेज। दूसरी, गु्प्तकाशी/फाटा/सितापुर क्लस्टर से केदारनाथ हेलीपैड तक शटल सर्विसेज। यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्गों और दूरस्थ इलाकों के भक्तों के लिए वरदान साबित होती है। IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर बुकिंग 19 सितंबर दोपहर 12 बजे से शुरू हो रही है, जो 23 सितंबर से 2 अक्टूबर तक की यात्राओं के लिए उपलब्ध होगी।

मंत्री राममोहन नायडू ने देहरादून और दिल्ली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कई समीक्षा बैठकें कीं, जिसमें DGCA, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और राज्य सरकार शामिल थी। सीएम धामी ने कहा, “यह मंजूरी भक्तों की सुविधा बढ़ाएगी। हम सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेंगे।” यात्रा सीजन के अंतिम चरण में यह सेवा हजारों तीर्थयात्रियों को लाभ पहुंचाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल से हादसों की संभावना न्यूनतम हो जाएगी। भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक चैनलों से ही बुकिंग करें।

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