उत्तरकाशी में युवती से दुष्कर्म के बाद हत्या!, परिवार को शव देने के बजाय पुलिस ने खुद किया अंतिम संस्कार
उत्तरकाशी में युवती से दुष्कर्म के बाद हत्या!, परिवार को शव देने के बजाय पुलिस ने खुद किया अंतिम संस्कार
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक ऐसी घटना ने समाज को स्तब्ध कर दिया है, जो महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। डुंडा क्षेत्र के एक गांव में 22 वर्षीय युवती के साथ कथित रूप से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। आरोपी ने शव को पुल के पास फेंक दिया, लेकिन पुलिस ने पीड़िता के परिवार को शव सौंपने के बजाय खुद ही अंतिम संस्कार कर दिया। यह मामला 18 सितंबर को सामने आया, जब ग्रामीणों ने संदिग्ध गंध की सूचना पर शव की खोज की। एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई पर परिवार ने सख्त आपत्ति जताई है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता का नाम प्रिया (बदला हुआ नाम) था, जो स्थानीय गांव में रहती थी। आरोपी, 28 वर्षीय स्थानीय मजदूर विक्रम सिंह, पीड़िता का पड़ोसी था। 17 सितंबर की शाम को उसने प्रिया को घर बुलाया और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने गुस्से में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। शव को रात के अंधेरे में घसीटकर नजदीकी पुल पर फेंक दिया गया। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने शव देखा और पुलिस को सूचना दी। फॉरेंसिक टीम ने मौके से खून के धब्बे, आरोपी के जूते के निशान और प्रिया का मोबाइल बरामद किया। आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि वह लंबे समय से प्रिया परस्त था, लेकिन इनकार पर हिंसा की हद पार कर गया।
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के बाद उन्हें सौंपने के बजाय सीधे श्मशान ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। प्रिया के पिता ने कहा, “हमारी बेटी का अंतिम संस्कार हमारा अधिकार था। पुलिस ने हमें अपमानित किया। हम न्याय मांगेंगे।” एसएसपी ने सफाई दी कि अंतिम संस्कार परिवार की ‘सहमति’ से किया गया, क्योंकि वे भावुक थे और देरी से शव खराब होने का डर था। लेकिन परिवार ने इनकार किया और डीएम को शिकायत की। मामले में आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म), 302 (हत्या) और POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। आरोपी को 14 दिन की रिमांड पर लिया गया है।
यह घटना उत्तरकाशी के डुंडा ब्लॉक में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का प्रतीक बन गई है। पिछले साल भी इसी क्षेत्र में एक माइनर गर्ल के साथ दुष्कर्म का मामला सुर्खियों में रहा था। महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर कहा, “ऐसे अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस। दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।” ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया, मांग की कि पुलिस की कार्रवाई की जांच हो। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और त्वरित न्याय प्रक्रिया जरूरी है। परिवार को 5 लाख की सहायता का ऐलान किया गया है।
