राहुल गांधी का X पोस्ट: ‘देश के Gen Z संविधान को बचाएंगे, मैं उनके साथ खड़ा हूं’
राहुल गांधी का X पोस्ट: ‘देश के Gen Z संविधान को बचाएंगे, मैं उनके साथ खड़ा हूं’
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज X (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने देश के जेनरेशन Z (Gen Z) को संविधान की रक्षा करने का संकल्प लेने के लिए बधाई दी। पोस्ट में राहुल ने लिखा, “देश के Gen Z संविधान को बचाएंगे, मैं उनके साथ खड़ा हूं।” यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, और इसे देश के युवाओं के बीच बढ़ते राजनीतिक जागरूकता का प्रतीक माना जा रहा है। राहुल का यह बयान हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों, विशेष रूप से नेपाल में जेन-जेड युवाओं के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों से प्रेरित लगता है, जहां युवाओं ने भ्रष्टाचार और अस्थिरता के खिलाफ आवाज उठाई। भारत में भी, राहुल ने युवाओं को संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है।
राहुल गांधी का यह पोस्ट नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के साथ उनकी हालिया फोन वार्ता के बाद आया है, जहां उन्होंने नेपाल में युवा आंदोलन का जिक्र किया था। नेपाल में सितंबर 2025 की शुरुआत में जेन-जेड युवाओं ने काठमांडू में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए, जो पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार को गिराने का कारण बने। इन प्रदर्शनों में कई लोग मारे गए और संसद भवन क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद सुशीला कार्की को अंतरिम पीएम बनाया गया। राहुल ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत के युवा भी इसी तरह संविधान को बचाने के लिए आगे आएंगे। उन्होंने युवाओं को टैग करते हुए लिखा, “Gen Z, आपका संघर्ष सही दिशा में है। भाजपा सरकार संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम सब मिलकर इसे बचाएंगे। मैं आपके साथ हूं।” पोस्ट के साथ एक ग्राफिक शेयर किया गया, जिसमें संविधान की किताब और युवाओं की तस्वीरें हैं।
यह पोस्ट राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोपों के बीच आया है, जहां उन्होंने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईसीआई पर सिस्टमेटिक वोटर डिलीशन का आरोप लगाया। राहुल ने कहा कि दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यक युवाओं के वोट काटे जा रहे हैं, जो Gen Z को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कर्नाटक के आलंद क्षेत्र का उदाहरण दिया, जहां 6,018 वोटरों के नाम काटे गए। ईसीआई ने इन आरोपों को खारिज किया, लेकिन राहुल ने युवाओं से अपील की कि वे डिजिटल वोटर रोल्स और सबूत जुटाएं। विपक्षी दलों ने राहुल के पोस्ट का समर्थन किया। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने रीपोस्ट करते हुए कहा, “युवा शक्ति ही संविधान की रक्षा करेगी। राहुल भाई के साथ हैं।” वहीं, दिल्ली में SIR प्रक्रिया के दौरान भी युवाओं के नाम कटने की शिकायतें आई हैं, जिसे राहुल ने वोट सप्रेशन बताया।
भाजपा ने राहुल के पोस्ट पर तीखा पलटवार किया। प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गांधी युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। Gen Z नौकरियां और विकास चाहते हैं, न कि संविधान पर झूठे डर। नेपाल का उदाहरण देकर वे भारत को अस्थिर करने की साजिश रच रहे हैं।” अमित मालवीय ने X पर लिखा, “राहुल का Gen Z प्रेम दिखावा है। वे युवाओं को गुमराह कर रहे हैं।” विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल का यह पोस्ट आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर युवा वोट बैंक को लक्षित है। भारत में Gen Z (1997-2012 में जन्मे) आबादी का 20% से अधिक हैं, जो डिजिटल रूप से सक्रिय हैं। राहुल ने पहले भी युवाओं को संबोधित करते हुए कहा था कि वे ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के माध्यम से जागरूक होंगे।
यह पोस्ट राजनीतिक बहस को नई दिशा दे रहा है, जहां संविधान को लेकर BJP और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ रहा है। राहुल ने कहा कि वे युवाओं के साथ सड़कों पर उतरेंगे। यह बयान नेपाल के युवा आंदोलन से प्रेरणा लेते हुए भारत में भी समान आंदोलन की संभावना जता रहा है। कुल मिलाकर, राहुल का यह संदेश युवाओं को सशक्त बनाने का प्रयास है, जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
