मनाली में कंगना रनौत का दौरा: बारिश प्रभावित इलाकों में ‘कंगना गो बैक’ के नारे, स्थानीयों ने जताया विरोध
मनाली में कंगना रनौत का दौरा: बारिश प्रभावित इलाकों में ‘कंगना गो बैक’ के नारे, स्थानीयों ने जताया विरोध
हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को गुरुवार को मनाली के पटलीकुहल क्षेत्र में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। बारिश और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों का दौरा करने गई कंगना के काफिले पर स्थानीय लोगों ने काले झंडे दिखाए और ‘गो बैक कंगना, यू आर लेट’ (कंगना गो बैक, आप देर से आई हैं) के नारे लगाए। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसमें स्थानीय निवासी कंगना के साथ बहस करते और उनकी शिकायतें सुनने की बजाय खुद के नुकसान की बात करने पर नाराजगी जाहिर करते दिखे। पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। यह घटना हिमाचल में मॉनसून की तबाही के बीच राजनीतिक विवाद को नई ऊंचाई दे रही है।
कंगना रनौत ने सुबह सोलंग और पालचान जैसे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों और पूर्व विधायक गोविंद सिंह ठाकुर के साथ नुकसान का जायजा लिया। लेकिन पटलीकुहल पहुंचते ही विरोध शुरू हो गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि सांसद का दौरा देर से हुआ है, जबकि आपदा के तुरंत बाद राहत की जरूरत थी। एक वीडियो में एक बाढ़ प्रभावित महिला कंगना के पास शिकायत लेकर पहुंची, लेकिन कंगना ने अपनी रेस्टोरेंट ‘द माउंटेन स्टोरी’ के नुकसान की बात शुरू कर दी। कंगना ने कहा, “मेरा रेस्टोरेंट कल सिर्फ 50 रुपये का बिजनेस कर पाया, जबकि मुझे 15 लाख रुपये सैलरी में देने पड़ते हैं। मेरे दर्द को भी समझो।” इस बयान पर स्थानीयों ने तीखी प्रतिक्रिया दी, और बहस तेज हो गई। बीजेपी नेताओं ने लोगों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन नारे लगते रहे।
यह घटना अगस्त 25-26 को हुई भारी बारिश और भूस्खलन से जुड़ी है, जब ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे और मनाली-लेह हाईवे के हिस्से बह गए। एक मल्टी-स्टोरी होटल और चार दुकानें ध्वस्त हो गईं। हिमाचल में इस मॉनसून में 419 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें 237 बारिश से जुड़ी हैं, 479 लोग घायल हुए हैं और 45 लापता हैं। नुकसान का अनुमान 4,593 करोड़ रुपये है, जिसमें 1,500 से ज्यादा घर पूरी तरह नष्ट हो गए और 6,800 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) के अनुसार, कुल्लू और मनाली जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं। कंगना ने दौरा के दौरान राज्य सरकार पर निशाना साधा, कहा, “हम यहां यह देखने आए हैं कि राज्य सरकार ने क्या काम किया है।” उन्होंने मंडी में जय राम ठाकुर के साथ हवन भी किया, जो विश्व शांति और आपदाओं से सुरक्षा के लिए था।
कंगना रनौत का यह दौरा उनके पहले के विवादास्पद बयानों के बाद आया है। जुलाई 2025 में उन्होंने कहा था कि उनके पास आपदा राहत के लिए फंड या कैबिनेट पद नहीं है, जिस पर काफी आलोचना हुई थी। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हिमाचल के लिए विशेष पैकेज की मांग की थी। विपक्षी दलों ने कंगना के बयान को असंवेदनशील बताया। कांग्रेस नेता ने कहा, “लोगों के दर्द के बीच अपनी रेस्टोरेंट की बात करना शर्मनाक है। सांसद को राहत पहुंचानी चाहिए, न कि शो-ऑफ करना।” बीजेपी ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया, जबकि कंगना ने कहा कि वे राज्य सरकार की नाकामी उजागर कर रही हैं।
यह घटना हिमाचल की राजनीति को प्रभावित कर सकती है, जहां कांग्रेस सरकार पर आपदा प्रबंधन के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोग राहत पैकेज और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। कंगना का मनाली में रेस्टोरेंट खोलना भी विवाद का हिस्सा बना, जो वैलेंटाइन डे 2025 को खुला था। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे दौरे से सांसदों को स्थानीय मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। फिलहाल, हिमाचल में राहत कार्य जारी हैं, लेकिन विरोध ने कंगना की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
