सीएम नीतीश कुमार से मिले बिना पटना से रवाना हुए जेपी नड्डा, सामने आई ये वजह
सीएम नीतीश कुमार से मिले बिना पटना से रवाना हुए जेपी नड्डा, सामने आई ये वजह
पटना: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शनिवार को पटना पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा के बीच वे बिना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए। सूत्रों के मुताबिक, नड्डा की नीतीश से मुलाकात नीतीश की खराब तबीयत के कारण टल गई। 10 सितंबर के बाद से नीतीश कुमार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं। बीजेपी ने इसे स्वास्थ्य संबंधी मुद्दा बताया, लेकिन विपक्ष ने इसे गठबंधन में दरार का संकेत माना।
जेपी नड्डा का पटना दौरा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी का हिस्सा था। उन्होंने स्टेट गेस्ट हाउस में पार्टी नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और अन्य कोर कमेटी सदस्य शामिल हुए। बैठक में चुनावी रणनीति, सीट बंटवारा और एनडीए के एजेंडे पर चर्चा हुई। नड्डा ने कहा कि बीजेपी बिहार में विकास और शांति की गारंटी देगी, और नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य प्रगति की राह पर है। लेकिन मुलाकात न होने से सवाल उठे। बीजेपी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया, “नीतीश जी की तबीयत ठीक न होने के कारण मुलाकात टल गई। हम उनकी शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।” नीतीश कुमार लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, और हाल ही में डॉक्टरों की सलाह पर आराम कर रहे हैं।
यह घटना बिहार की सियासत में हलचल मचा रही है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा, “एनडीए में सब ठीक नहीं लग रहा। नीतीश जी बीमार हैं या गठबंधन बीमार है?” कांग्रेस ने भी इसे गठबंधन की कमजोरी बताया। बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि यह सामान्य बात है, और जल्द ही मुलाकात होगी। नड्डा का दौरा बिहार में पार्टी को मजबूत करने का प्रयास था, जहां विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं। पिछले दौरे में नड्डा ने नीतीश से मिलकर मिशन 2025 पर चर्चा की थी, लेकिन इस बार स्वास्थ्य बाधा बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि नीतीश की अनुपस्थिति से बीजेपी को रणनीति बनाने में चुनौती मिली, लेकिन पार्टी का फोकस विकास पर रहेगा।
नीतीश कुमार की तबीयत को लेकर जेडीयू ने कहा कि वे जल्द ठीक हो जाएंगे और चुनावी तैयारियों में सक्रिय रहेंगे। नड्डा ने पटना से रवाना होने से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण स्तर पर प्रचार तेज करें। यह घटना बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ रही है, जहां गठबंधन की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। कुल मिलाकर, स्वास्थ्य कारणों से टली मुलाकात ने सियासी अटकलों को हवा दी है, लेकिन बीजेपी का दावा है कि सब कुछ नियंत्रण में है।
