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नेपाल की सत्ता संभालते ही एक्शन में सुशीला कार्की, पूर्व PM केपी ओली के खिलाफ FIR

नेपाल की सत्ता संभालते ही एक्शन में सुशीला कार्की, पूर्व PM केपी ओली के खिलाफ FIR

काठमांडू: नेपाल की नव नियुक्त अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सत्ता संभालते ही कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कार्की को पदभार ग्रहण किए मात्र 24 घंटे ही बीते थे कि 8 सितंबर को युवा प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा की गई दमनकारी कार्रवाई के मामले में ओली पर गंभीर आरोप लगाए गए। एफआईआर में ओली पर हत्या, हिंसा भड़काने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, जो जेन-जेड आंदोलन के दौरान हुई 34 मौतों से जुड़े हैं। यह कदम नेपाल की राजनीति में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की नई शुरुआत का संकेत दे रहा है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

सुशीला कार्की, जो नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं, ने शनिवार को काठमांडू में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम हिंसा की जांच करेंगे और जिम्मेदारों को सजा दिलाएंगे। ओली सरकार की कार्रवाइयों ने देश को अराजकता की ओर धकेला।” एफआईआर नेपाल पुलिस की सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) में दर्ज की गई, जिसमें ओली पर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश देने का आरोप है। आंदोलन की शुरुआत 4 सितंबर को सोशल मीडिया बैन से हुई, जो भ्रष्टाचार और नेपोटिज्म के खिलाफ फैल गया। 8 सितंबर को काठमांडू में पुलिस की फायरिंग में 19 युवा मारे गए, जिसके बाद ओली को इस्तीफा देना पड़ा। कार्की ने कहा कि जांच में अगर ओली दोषी पाए गए तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

यह एक्शन जेन-जेड कार्यकर्ताओं की मांगों का हिस्सा है, जिन्होंने कार्की को अंतरिम पीएम चुना था। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने कार्की को शपथ दिलाई थी, और संसद भंग कर छह महीने में चुनाव का ऐलान किया गया। कार्की ने ओली के घर पर हुई आगजनी और संसद पर हमले की भी जांच का आदेश दिया। नेपाल आर्मी चीफ जनरल अशोक राज सिग्देल ने समर्थन जताया, लेकिन चेतावनी दी कि राजनीतिक प्रतिशोध न हो। भारत ने कार्की को बधाई दी थी, और पीएम मोदी ने शांति की अपील की। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एफआईआर नेपाल में न्यायिक सक्रियता को बढ़ावा देगी, लेकिन ओली की कम्युनिस्ट पार्टी विरोध कर सकती है।

ओली ने एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “राजनीतिक साजिश” बताया। उन्होंने कहा, “मैंने देश की रक्षा की, लेकिन युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।” जेन-जेड नेता अनिल बानिया ने कार्की की सराहना की।

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