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‘तीन बम रखे हैं..,’ धमकी भरे ई-मेल के बाद खाली कराया गया दिल्ली हाईकोर्ट, बाहर निकाले गए जज और वकील

‘तीन बम रखे हैं..,’ धमकी भरे ई-मेल के बाद खाली कराया गया दिल्ली हाईकोर्ट, बाहर निकाले गए जज और वकील’

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट को एक धमकी भरे ई-मेल के बाद आज दोपहर में पूरी तरह खाली करा दिया गया। ई-मेल में दावा किया गया था कि “तीन बम रखे हैं” और कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस घटना के बाद जजों, वकीलों और कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाला गया। दिल्ली पुलिस की बम डिस्पोजल स्क्वायड (BDDS) और डॉग स्क्वायड ने कोर्ट परिसर की तलाशी ली, लेकिन अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। यह घटना दिल्ली में बढ़ती बम धमकियों की श्रृंखला का हिस्सा लग रही है, जहां हाल ही में स्कूलों और अन्य संस्थानों को भी इसी तरह के ई-मेल मिले थे।

घटना दोपहर करीब 1:30 बजे की है, जब हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को एक अनाम ई-मेल प्राप्त हुआ। ई-मेल में लिखा था, “तीन बम रखे हैं, कोर्ट को उड़ा देंगे। सब बाहर निकल जाओ।” ई-मेल का विषय “बम अलर्ट” था, और यह किसी विदेशी डोमेन से भेजा गया था। रजिस्ट्रार ने तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया, जिसके बाद कोर्ट परिसर में सायरन बजाए गए और सभी को बाहर निकालने का आदेश दिया गया। सैकड़ों जज, वकील, लिपिक और वादी-प्रत्यक्षी सुरक्षित बाहर निकाले गए। मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा सहित सभी बेंचों की सुनवाई स्थगित कर दी गई। कोर्ट के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई, जहां लोग अपने वाहनों का इंतजार कर रहे थे।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, ई-मेल की जांच की जा रही है, और साइबर सेल को शामिल किया गया है। डीसीपी (साउथ) ने बताया कि यह धमकी गंभीर है, लेकिन प्रारंभिक जांच में कोई बम नहीं मिला। BDDS और डॉग स्क्वायड ने पूरे परिसर, जिसमें 15 एकड़ क्षेत्र में फैली इमारतें शामिल हैं, की बारीकी से तलाशी ली। तलाशी पूरी होने के बाद शाम 4 बजे के आसपास कोर्ट को सुरक्षित घोषित कर दिया गया। हालांकि, कुछ सुनवाईयां स्थगित रहेंगी। पुलिस ने कहा कि ई-मेल ट्रेस करने के लिए आईपी एड्रेस और अन्य डिटेल्स की जांच चल रही है। यह ई-मेल रूसी या यूक्रेनी डोमेन से आया लगता है, जो हाल की धमकियों की तरह है।

यह घटना दिल्ली-एनसीआर में हाल की बम धमकियों का हिस्सा है। पिछले हफ्ते ही दिल्ली के 20 से अधिक स्कूलों को इसी तरह के ई-मेल मिले थे, जिनमें “बम प्लांटेड” का दावा किया गया था। मई 2025 में भी दिल्ली हाईकोर्ट को एक फोन कॉल पर बम अलर्ट मिला था, जिसके बाद एयरपोर्ट और अन्य जगहों पर भी सतर्कता बढ़ाई गई। विशेषज्ञों का मानना है कि ये धमकियां होक्स (झूठी) हो सकती हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इन्हें हल्के में नहीं ले रही। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर चिंता जताई और कहा कि न्यायिक व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने घटना की निंदा की और कहा कि यह न्याय प्रक्रिया पर हमला है। वकीलों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जताई, पुलिस ने जनता से अपील की है कि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचित करें। फिलहाल, कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच तेज है। यह घटना न केवल कोर्ट की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रही है, बल्कि पूरे देश में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा रही है। कुल मिलाकर, दिल्ली हाईकोर्ट अब सामान्य हो रहा है, लेकिन भविष्य में ऐसी धमकियों से निपटने के लिए और मजबूत उपायों की जरूरत है।

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