पी. चिदंबरम ने जीएसटी सुधारों को सराहा, कहा- गलती सुधारने में लगे 8 साल
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने जीएसटी व्यवस्था में हालिया सुधारों का स्वागत किया है, लेकिन इसे ‘8 साल देर से’ उठाया गया कदम बताते हुए सरकार की आलोचना की। 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित सुधारों में 12% और 28% स्लैब को समाप्त कर केवल 5% और 18% की दो मुख्य दरें लागू की गई हैं, जो 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होंगी। चिदंबरम ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “जीएसटी तर्कसंगतकरण और विभिन्न वस्तुओं व सेवाओं पर दरों में कमी का स्वागत है, लेकिन यह 8 साल देर से है।” उन्होंने कहा कि जीएसटी का वर्तमान डिजाइन और दरें शुरू से ही गलत थीं, और कांग्रेस तथा अर्थशास्त्रियों ने वर्षों से इसकी चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार ने अनदेखी की।
मदुरै में पत्रकारों से बातचीत में चिदंबरम ने कहा, “मैं सरकार की सराहना करता हूं कि आठ साल बाद अपनी गलती का एहसास हुआ। आठ साल पहले जब यह कानून लागू हुआ, तो यह गलत था। हमने सलाह दी थी कि ऐसी कर व्यवस्था नहीं लगानी चाहिए। तत्कालीन मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने भी कहा था कि यह गलती है।” उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंत्रियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने कांग्रेस की अपीलों को अनसुना कर दिया। चिदंबरम ने कहा कि आठ लंबे वर्षों तक मध्यम और गरीब वर्ग ‘निचुड़’ गया, क्योंकि 12% और 18% की दरें आवश्यक वस्तुओं पर लगीं। अब इन्हें 5% कर दिया गया है, जिससे राहत मिलेगी। उन्होंने कहा, “कम से कम अब दिल बदलने और बेहतर समझ से दरें कम की गईं, इसके लिए सराहना।”
चिदंबरम ने सुधारों के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह मंदी, बढ़ते घरेलू कर्ज, घटती बचत, बिहार चुनाव या अमेरिका के ट्रंप टैरिफ का प्रभाव है? उन्होंने कहा कि जीएसटी को हमेशा ‘गुड एंड सिम्पल टैक्स’ होना चाहिए था। कांग्रेस ने वर्षों से डिजाइन और दरों की गलतियों पर जोर दिया, लेकिन सरकार ने बहरेपन का परिचय दिया। अब यू-टर्न अच्छा है, लेकिन देर हो चुकी। विशेषज्ञों का मानना है कि ये सुधार अर्थव्यवस्था को बूस्ट देंगे, खासकर मैन्युफैक्चरिंग और उपभोक्ता क्षेत्र में। TMC ने भी इसे ‘जनता की जीत’ बताया, कहा कि ममता बनर्जी ने बीमा प्रीमियम पर टैक्स की आलोचना की थी।
यह सुधार डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेंगे। सरकार ने इसे ‘दिवाली गिफ्ट’ कहा है, जो नवरात्रि से लागू होगा। चिदंबरम ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में आएगी, तो जीएसटी को और सुधारेंगे। यह बदलाव उपभोक्ताओं को राहत देगा, लेकिन विपक्ष का कहना है कि देरी महंगी पड़ी। पूरी जानकारी जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध है।
