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दिल्ली में भारी बारिश से जलभराव: सचिवालय से कश्मीरी गेट तक डूबे इलाके, यातायात ठप

दिल्ली में भारी बारिश से जलभराव: सचिवालय से कश्मीरी गेट तक डूबे इलाके, यातायात ठप

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया है। 4 सितंबर 2025 को सुबह से शुरू हुई तेज वर्षा के कारण कई प्रमुख इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दिल्ली में 150 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 300% अधिक है। इससे यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया, और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में सचिवालय, कश्मीरी गेट, वासुदेव घाट, ITO, मंडी हाउस, पंडित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग और राजघाट शामिल हैं।

सचिवालय क्षेत्र में जलभराव के कारण सरकारी कार्यालयों का संचालन प्रभावित हुआ है। दिल्ली सचिवालय के आसपास सड़कें तालाब बन गईं, और कर्मचारियों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन के आसपास पानी भर गया, जिससे मेट्रो सेवाएं बाधित हो गईं। यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा, लेकिन वहां भी ट्रैफिक जाम ने हालात और बिगाड़ दिए। वासुदेव घाट पर यमुना के उफान के कारण निचले इलाके पूरी तरह डूब गए, और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली जल बोर्ड की टीमें दिन-रात राहत कार्य में जुटी हैं, लेकिन पुरानी ड्रेनेज सिस्टम की कमी के कारण पानी निकासी में देरी हो रही है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई सड़कों पर डायवर्जन लागू किए हैं। कश्मीरी गेट से लाल किले की ओर जाने वाले वाहनों को रिंग रोड पर डायवर्ट किया गया है। ITO और मंडी हाउस में जलभराव के कारण स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए, और कई बाजारों में दुकानें बंद रहीं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आपात बैठक बुलाई और केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता की मांग की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “दिल्ली में भारी बारिश से जलभराव हो गया है। सभी विभाग अलर्ट पर हैं, और राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। नागरिक सतर्क रहें।” एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं, और हेल्पलाइन नंबर 1077 पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी अचानक भारी बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं, और दिल्ली की इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की जरूरत है। पिछले साल भी इसी तरह की स्थिति आई थी, लेकिन इस बार यमुना का जलस्तर और ऊंचा है। ग्रामीण इलाकों में किसानों को नुकसान हो रहा है, जबकि शहरी क्षेत्रों में बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। आने वाले घंटों में बारिश जारी रहने की चेतावनी दी गई है, इसलिए लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जा रही है। दिल्ली सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों को अगले दो दिनों के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया है।

यह आपदा दिल्ली के लिए सबक है कि ड्रेनेज सिस्टम को अपग्रेड करने की आवश्यकता है। राहत कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही, लेकिन जलभराव से प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाने का प्रयास जारी है।

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