ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी होगी और तेज, जानें क्या है Jio Digital Twin
ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी होगी और तेज, जानें क्या है Jio Digital Twin
नई दिल्ली: रिलायंस जियो ने अपनी 48वीं वार्षिक आम सभा (AGM) में एक क्रांतिकारी तकनीक ‘Jio Digital Twin’ की घोषणा की है, जो भारत के ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व गति प्रदान करेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस AGM में कई डिजिटल इनोवेशन पेश किए, जिनमें Jio Digital Twin प्रमुख है। यह सिस्टम भारत की पूरी भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर का एक वर्चुअल 3D मॉडल है, जो इंजीनियरों को ब्रॉडबैंड सेवाओं की स्थापना और प्रबंधन को तेज और कुशल बनाने में मदद करेगा। कंपनी के अनुसार, इससे ग्राहकों को अब कनेक्शन मिलने में लगने वाले दिनों या हफ्तों का इंतजार खत्म हो जाएगा, और 24 घंटे के अंदर हाई-स्पीड इंटरनेट सक्रिय हो सकेगा।
Jio Digital Twin क्या है? सरल शब्दों में, यह एक डेटा-आधारित वर्चुअल मॉडल है जो भारत की भौतिक दुनिया को डिजिटल रूप में दोहराता है। इसमें देश के हर इलाके, भवन, स्थानीयता और इलाके की विस्तृत 3D मैपिंग शामिल है, जिसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र आते हैं। जब कोई ग्राहक Jio ब्रॉडबैंड या JioAirFiber का ऑर्डर देता है, तो इंजीनियर ऑफिस में बैठे-बैठे सिस्टम के जरिए उस लोकेशन की नेटवर्क स्थिति की जांच कर सकते हैं। वे स्थापना की पूरी योजना रिमोटली तैयार कर लेंगे, जिससे साइट विजिट की जरूरत कम हो जाएगी। फिर, केवल ग्राउंड टीम को भेजकर रूफटॉप यूनिट इंस्टॉल कर दी जाएगी, और ग्राहक का घर गीगाबिट स्पीड से जुड़ जाएगा। कंपनी का दावा है कि यह ‘जीवंत और सांस लेने वाला’ मॉडल भारत को नेटवर्क सेवा नवाचार में विश्व नेता बना देगा।
पहले, Jio कनेक्शन लेने में कई दिनों का इंतजार होता था, क्योंकि इंजीनियरों को फिजिकल सर्वे करना पड़ता था। लेकिन Digital Twin से यह प्रक्रिया तेज हो जाएगी, जो ग्राहक संतुष्टि बढ़ाएगी। AGM में मुकेश अंबानी ने कहा, “Jio का Digital Twin सिस्टम इंजीनियरों को ग्राहक की लोकल नेटवर्क कंडीशंस चेक करने और इंस्टॉलेशन प्लान करने की सुविधा देगा, बिना देरी के।” इसके अलावा, AGM में Jio AI Cloud 2.0, JioFrames स्मार्ट ग्लासेस और JioPC जैसे अन्य उत्पाद भी लॉन्च किए गए। Jio AI Cloud अब AI से कंटेंट ऑर्गनाइज करेगा, जैसे वॉयस कमांड से फोटोज सर्च करना। JioFrames AI-पावर्ड स्मार्ट ग्लासेस हैं जो मल्टीलिंगुअल सपोर्ट के साथ HD कैप्चर और लाइवस्ट्रीमिंग करेंगे। JioPC तो टीवी को क्लाउड-बेस्ड कंप्यूटर में बदल देगा।
रिलायंस ने गूगल और मेटा के साथ पार्टनरशिप भी की है, जो AI को भारत में तेजी से अपनाने में मदद करेगी। गूगल क्लाउड के CEO सुंदर पिचाई ने कहा कि यह सहयोग Jio को AI इनिशिएटिव्स में मजबूत बनाएगा। Jio का यह कदम डिजिटल इंडिया को मजबूत करने की दिशा में बड़ा योगदान देगा, खासकर जब देश 5G और 6G की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि Digital Twin से न केवल ब्रॉडबैंड तेज होगा, बल्कि अर्बन प्लानिंग, डिजास्टर मैनेजमेंट और सस्टेनेबिलिटी में भी सुधार आएगा।
Jio के 46 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स के लिए यह तकनीक गेम-चेंजर साबित होगी। कंपनी का लक्ष्य हर घर को AI-रेडी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है। यदि आप Jio ब्रॉडबैंड लेने की सोच रहे हैं, तो अब इंतजार कम होगा। पूरी जानकारी के लिए Jio की वेबसाइट या MyJio ऐप चेक करें। यह इनोवेशन भारत को डिजिटल सुपरपावर बनाने की दिशा में एक और कदम है।
