भारत ने बनाया रिकॉर्ड: 100 करोड़ से अधिक हुए इंटरनेट यूजर्स
नई दिल्ली: भारत ने डिजिटल क्रांति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जून 2025 तक देश में इंटरनेट सब्सक्राइबर्स की संख्या 100.28 करोड़ से अधिक हो गई है, जो मार्च 2025 के मुकाबले 3.48 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। यह आंकड़ा भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर बाजार बनाता है, जहां वायरलेस कनेक्शन 95.81 करोड़ और वायर्ड 4.47 करोड़ हैं। ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स 3.77 प्रतिशत बढ़कर 97.97 करोड़ हो गए, जबकि नैरोबैंड यूजर्स घटकर 23.14 करोड़ रह गए। TRAI ने 4 सितंबर, 2025 को यह डेटा जारी किया, जो डिजिटल इंडिया अभियान की सफलता को रेखांकित करता है।
इस उपलब्धि का श्रेय सस्ते डेटा प्लान, स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और ग्रामीण क्षेत्रों में 5G विस्तार को जाता है। शहरी इलाकों में 57.94 करोड़ और ग्रामीण में 42.33 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं, जिससे कुल टेली-डेंसिटी 86.09 प्रतिशत हो गई। टेलीफोन सब्सक्राइबर्स कुल 121.84 करोड़ पहुंचे, जो 1.46 प्रतिशत की वृद्धि है। वायरलेस सर्विसेज का औसत राजस्व प्रति यूजर (ARPU) 186.62 रुपये और प्रति माह औसत उपयोग (MOU) 16.76 घंटे है। डेटा उपयोग में 17.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो 2,28,779 पेटाबाइट्स तक पहुंच गया, और डेटा राजस्व 15.49 प्रतिशत बढ़कर 2.15 लाख करोड़ रुपये हो गया। सेक्टर का सकल राजस्व 10.72 प्रतिशत बढ़कर 3.72 लाख करोड़ और एडजस्टेड ग्रॉस राजस्व (AGR) 12.02 प्रतिशत बढ़कर 3.03 लाख करोड़ रुपये रहा।
हालांकि, यह खुशी के साथ-साथ चिंता भी लेकर आई है, क्योंकि टेलीकॉम कंपनियों द्वारा रिचार्ज प्लान महंगे कर दिए जाने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। जुलाई 2024 में की गई टैरिफ हाइक के बाद ARPU 16.89 प्रतिशत बढ़कर 174.46 रुपये हो गया, जो प्रीपेड यूजर्स के लिए विशेष रूप से महंगा साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सस्ते डेटा की होड़ अब समाप्त हो रही है, और कंपनियां 5G निवेश के लिए कीमतें बढ़ा रही हैं। रिलायंस जियो (50.4 प्रतिशत मार्केट शेयर), भारती एयरटेल (30.47 प्रतिशत) और वोडाफोन आइडिया (14.39 प्रतिशत) प्रमुख खिलाड़ी हैं। TRAI ने सुझाव दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में और निवेश की जरूरत है, जहां टेली-डेंसिटी अभी 59.06 प्रतिशत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मील के पत्थर पर ट्वीट कर कहा, “भारत डिजिटल सुपरपावर बन रहा है। 100 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था की ताकत दिखाते हैं।” लेकिन उपभोक्ता संगठनों ने महंगे प्लान पर आपत्ति जताई है, मांग की है कि TRAI सस्ते विकल्प सुनिश्चित करे। ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में 912 प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनल अनुमत हैं, जिनमें 333 पे चैनल शामिल हैं। पे DTH सब्सक्राइबर्स घटकर 56.92 मिलियन रह गए। FM रेडियो स्टेशन 388 और कम्युनिटी रेडियो 531 हो गए। यह डेटा TRAI की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
डिजिटल इंडिया के तहत UPI, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन एजुकेशन ने इंटरनेट को आवश्यक बना दिया है। लेकिन महंगे रिचार्ज से ग्रामीण यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं। आने वाले समय में 6G और AI एकीकरण से और वृद्धि अपेक्षित है, लेकिन उपभोक्ता संरक्षण जरूरी है।
