बंगाल विधानसभा में BJP-TMC विधायकों में मारपीट, भाजपा व्हिप चीफ घायल, शुभेंदु अधिकारी सस्पेंड
बंगाल विधानसभा में BJP-TMC विधायकों में मारपीट, भाजपा व्हिप चीफ घायल, शुभेंदु अधिकारी सस्पेंड
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को हंगामा और मारपीट की घटना ने राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया। सत्र के दौरान बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायकों के बीच जमकर झड़प हुई, जिसमें भाजपा के व्हिप चीफ चंदन सरकार घायल हो गए। इसी दौरान, भाजपा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को सदन से सस्पेंड कर दिया गया। घटना विधानसभा में विशेष सत्र के दौरान घटी, जब विपक्ष ने TMC सरकार पर भ्रष्टाचार और हिंसा के आरोप लगाए। स्पीकर बिमान बनर्जी ने हंगामे को शांत करने के प्रयास में शुभेंदु को सस्पेंड करने का आदेश दिया, जिससे सदन और अधिक अशांत हो गया।
चंदन सरकार ने बताया कि TMC विधायकों ने उन पर हमला किया, जिसमें उनके सिर पर चोट लगी और खून बहने लगा। उन्होंने कहा, “TMC के गुंडों ने सदन में हिंसा की, लेकिन हम डरने वाले नहीं। यह ममता सरकार की तानाशाही का नंगा रूप है।” भाजपा विधायकों ने TMC पर सदन में गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। शुभेंदु अधिकारी ने सस्पेंड होने से पहले TMC को ललकारा और कहा, “हमारी आवाज दबाई नहीं जा सकती। बंगाल की जनता सब देख रही है।” सस्पेंशन का आदेश 7 दिनों के लिए है, जिस दौरान अधिकारी सदन में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
TMC ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भाजपा विधायक खुद उकसावे की राजनीति कर रहे हैं। TMC नेता फिरहाद हकीम ने कहा, “भाजपा वाले सदन को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। सस्पेंशन उचित कार्रवाई है।” घटना के बाद सदन 30 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। पुलिस को सदन के बाहर तैनात किया गया, और भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के बाहर धरना देना शुरू कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर TMC सरकार की निंदा की और कहा, “बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। केंद्र पूरे मामले की जांच करेगा।”
यह घटना 2026 विधानसभा चुनाव से पहले TMC और भाजपा के बीच तनाव को और बढ़ा देगी। विपक्ष का आरोप है कि ममता बनर्जी सरकार सदन को कुचल रही है, जबकि TMC इसे भाजपा की साजिश बता रही है। चंदन सरकार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। भाजपा ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें सस्पेंशन रद्द करने और TMC विधायकों पर कार्रवाई की मांग की गई है। बंगाल की राजनीति में यह घटना नया विवाद खड़ी कर सकती है, और आने वाले दिनों में और बवाल हो सकता है। जनता अब सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है।
