पंजाब बाढ़: मृतकों की संख्या 37 तक पहुंची, 1655 गांव प्रभावित
पंजाब में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारी मानसून बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण रावी, ब्यास और सतलुज नदियां उफान पर हैं, जिससे मृतकों की संख्या 37 तक पहुंच गई है। राज्य के 12 जिलों में 1655 गांव प्रभावित हो चुके हैं, जबकि 3.5 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। यह बाढ़ 1988 के बाद सबसे विनाशकारी बताई जा रही है, जिसमें फसलें बर्बाद हो रही हैं और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार से तत्काल राहत की मांग की है।
बाढ़ की शुरुआत अगस्त के अंत में हुई, जब हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण पोंग, रंजीत सागर और भाखड़ा बांधों से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। इससे गurdaspur, अमृतसर, फिरोजपुर, पठानकोट, कपूरथला, फाजिल्का, तरन तारन, होशियारपुर, रूपनगर, मोगा, संगरूर, बरनाला, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) जैसे जिलों में बाढ़ आ गई। आंकड़ों के अनुसार, 3,71,475 एकड़ से अधिक कृषि भूमि डूब चुकी है, जिसमें कपास, चावल और गेहूं की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ है, जिसमें 208 से अधिक पशु मारे गए। बाढ़ से सड़कें, पुल और बिजली व्यवस्था चरमरा गई है, जबकि स्कूलों को 3 सितंबर तक बंद रखा गया है।
राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, बीएसएफ और स्थानीय एनजीओ ने मिलकर 11,330 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। गुरदासपुर में सेना ने हेलीकॉप्टर से 27 लोगों को बचाया, जबकि रामदास (अमृतसर) में एम्फीबियस वाहनों का इस्तेमाल किया गया। ड्रोन के जरिए दूरदराज क्षेत्रों में दवाइयां और भोजन पहुंचाया जा रहा है। राज्य सरकार ने 87 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां 4,729 लोग शरण ले चुके हैं। मुख्यमंत्री मान ने कहा, “स्थिति गंभीर है, लेकिन हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। केंद्र से 60,000 करोड़ रुपये की मांग की है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मान से फोन पर बात की और स्थिति का जायजा लिया।
विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा, “नदियों की सफाई न होने से बाढ़ बढ़ी।” विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, नदियों का अवैध अतिक्रमण और डिफॉरेस्टेशन ने हालात बिगाड़े हैं। पड़ोसी पंजाब (पाकिस्तान) में भी बाढ़ का असर है, जहां 41 लोग मारे गए और 3,300 गांव प्रभावित हैं। क्या यह बाढ़ और बिगड़ेगी? मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बारिश की चेतावनी दी है। राहत कार्य जारी हैं, लेकिन पंजाब की जनता संकट में डूबी हुई है।
