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Snowfall In Badrinath: बद्रीनाथ की पहाड़ियों पर सीजन की पहली बर्फबारी, ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

Snowfall In Badrinath: बद्रीनाथ की पहाड़ियों पर सीजन की पहली बर्फबारी, ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

बद्रीनाथ: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित पवित्र बद्रीनाथ धाम की ऊंची पहाड़ियों पर मंगलवार को सीजन की पहली बर्फबारी हो गई। मौसम विभाग के अनुसार, 2 सितंबर 2025 को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की हिमपात की चादर बिछ गई, जिससे तापमान अचानक गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह बर्फबारी बद्रीनाथ हाईवे पर यातायात को प्रभावित कर रही है, जहां केमेड़ा के पास भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं ने यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चार धाम यात्रा के अंतिम चरण में चल रहे तीर्थयात्रियों को रोककर रखा गया है, और प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सितंबर में असामान्य रूप से जल्दी बर्फबारी है, जो जलवायु परिवर्तन का संकेत दे रही है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के डायरेक्टर मनमोहन सिंह ने बताया कि पिछले वर्षों में सितंबर के मध्य तक हिमपात होता था, लेकिन इस बार मानसून की कमजोर गतिविधि के बाद ठंडी हवाओं ने पहाड़ों को सफेद चादर ओढ़ा दी। बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रमेश चंद्र ने कहा, “भगवान विष्णु के धाम पर बर्फबारी धार्मिक दृष्टि से शुभ है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतनी होगी।” धाम के आसपास के गांवों जैसे माना और जोशीमठ में भी हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे स्थानीय निवासियों को ठंड से जूझना पड़ रहा है।

इस बर्फबारी से चार धाम यात्रा पर असर पड़ा है। 2025 सीजन में अब तक 35 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बद्रीनाथ के दर्शन किए हैं, लेकिन अब हाईवे पर 2-3 घंटे की ब्लॉकेज की शिकायतें आ रही हैं। एसएसपी चमोली ने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं, और यात्रियों को जोशीमठ या हरिद्वार में रुकने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर तक यह बर्फबारी जारी रह सकती है, जिससे धाम के बंद होने की तारीख (2 नवंबर) से पहले ही रास्ते बंद हो सकते हैं। पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की अनियमितता बढ़ रही है, जो ग्लेशियरों के पिघलने और बाढ़ के खतरे को बढ़ा सकती है।

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि मौसम अपडेट चेक करें और भारी ऊनी कपड़े, रेनकोट और दवाइयां साथ रखें। यह घटना न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि पर्यटन को भी प्रभावित कर रही है। बद्रीनाथ की प्राकृतिक सुंदरता बर्फ से और निखर गई है, लेकिन ठंड ने यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। जल्द ही सड़कों को साफ करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यात्रा सुचारू हो सके।

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