राजनीति

राहुल-तेजस्वी के मंच पर पप्पू यादव को फिर नहीं मिली जगह, रोड पर ही लगा दी कुर्सी

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हास्यास्पद सीन देखने को मिला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव के संयुक्त मंच पर जनसभा हो रही थी, लेकिन पूर्व सांसद पप्पू यादव को फिर से जगह नहीं मिली। नाराजगी जताते हुए पप्पू यादव ने सड़क किनारे कुर्सी लगाकर अकेले ही बैठकर भाषण देना शुरू कर दिया। यह घटना पटना के एक प्रमुख मैदान में हुई, जहां महागठबंधन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का आयोजन था। पप्पू यादव की यह हरकत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और विपक्षी दलों ने इसे महागठबंधन की आंतरिक कलह का प्रतीक बताया।

पप्पू यादव, जो जन अधिकार पार्टी के संस्थापक हैं और हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए हैं, ने कहा कि वे गठबंधन के लिए लड़ते रहेंगे, लेकिन सम्मान की मांग करेंगे। उन्होंने राहुल और तेजस्वी को संबोधित करते हुए कहा, “मैं सड़क पर ही बैठूंगा, लेकिन बिहार की जनता की आवाज दबने नहीं दूंगा। महागठबंधन में सबको जगह मिलनी चाहिए, वरना यह गठबंधन टूट जाएगा।” यादव ने आरोप लगाया कि बड़े नेताओं के कारण छोटे कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। यह दूसरी बार है जब पप्पू को मंच पर जगह नहीं मिली; पहले भी एक रैली में ऐसा ही विवाद हुआ था। पप्पू ने सड़क पर कुर्सी लगाकर करीब 20 मिनट तक भाषण दिया, जिसमें भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर जोर दिया। उनके समर्थक भी उनके साथ खड़े हो गए और नारेबाजी की।

राहुल गांधी ने भाषण में महागठबंधन की एकता पर जोर दिया, लेकिन पप्पू के इस कदम पर चुप्पी साध ली। तेजस्वी यादव ने बाद में कहा कि सभी को मंच पर बुलाना संभव नहीं होता, लेकिन पप्पू हमारा साथी हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसे “आंतरिक मामला” बताया और कहा कि जल्द ही बातचीत होगी। हालांकि, बीजेपी ने इसे मजाक उड़ाया। प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने ट्वीट किया, “महागठबंधन का असली चेहरा सामने आ गया। सड़क पर कुर्सी लगाकर राजनीति? बिहार को ऐसे गठबंधन की जरूरत नहीं।” RJD ने भी पप्पू को चेतावनी दी कि ऐसी हरकतें पार्टी को नुकसान पहुंचाएंगी।

यह घटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन के लिए शुभ संकेत नहीं है। पप्पू यादव, जो पप्पू के नाम से मशहूर हैं, हमेशा से विवादों में रहते हैं। वे 2024 लोकसभा चुनाव में हाजीपुर से लड़े थे, लेकिन हार गए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पप्पू की महत्वाकांक्षा और गठबंधन की सीमित जगह से टकराव बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और भड़क सकता है, जो विपक्ष की एकजुटता को कमजोर करेगा। कुल मिलाकर, सड़क पर कुर्सी का यह दृश्य बिहार राजनीति की हलचल को दर्शाता है।

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